22 दिसंबर 2020 - 18:11
यूएनएससी की बैठक, प्रस्ताव 2231 की हुयी समीक्षा, अमरीका जेसीपीओए में लौटे, चीन ने की मांग, फिर से परमाणु वार्ता से संकट हल नहीं होगा,

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में प्रस्ताव 2231 के लागू होने की समीक्षा की गयी।

मंगलवार को सुरक्षा परिषद की यह बैठक, प्रस्ताव 2231 के लागू होने के बारे में छमाही रिपोर्ट पेश होने के लिए आयोजित हुयी। यह बैठक वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए आयोजित हुयी।

योरोपीय संघ के विदेश नीति प्रभारी जोज़फ़ बोरेल ने, जो जेसीपीओए के कोआर्डिनेटर हैं, इस बैठक में परमाणु समझौते से अमरीका के ग़ैर क़ानूनी तौर पर निकलने और इस समझौते के प्रति योरोपीय पक्षों की वादाख़िलाफ़ी का ज़िक्र किए बिना, कहा कि इस समझौते का विकल्प नहीं है, चुनौतियों के बावजूद, तेहरान-ब्रसल्ज़ के बीच सहयोग जारी है और योरोपीय संघ ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक पाबंदियों को हटाने का पाबंद है।

इस बैठक में बोरेल ने ऐसी हालत में ईरान से जेसीपीओए के संबंध में अपनी प्रतिबद्धाओं को कम करने के फ़ैसले से पलटने की मांग की कि योरोपीय पक्षों ने, इस समझौते से अमरीका के निकलने के बाद से अपने किसी भी वादे पर अमल न करके, जेसीपीओए को कठिन स्थिति में पहुंचा दिया है।

इस बैठक में चीन के प्रतिनिधि ने जेसीपीओए के सभी पक्षों से इसकी पाबंदी को ज़रूरी बताते हुए कहा कि ईरान के साथ फिर से परमाणु समझौते के लिए बातचीत के निवेदन से, संकट को हल करने में कोई मदद नहीं मिलेगी।

चीन के प्रतिनिधि ने कहा कि इस वक़्त सबसे अहम बात यह है कि अमरीका अपना व्यवहार सुधारे और बिना किसी शर्त के परमाणु समझौते में वापस लौटे।