ड्रीमर्ज़ कार्यक्रम ओबामा प्रशासन ने शुरू किया था जिसके तहत ग़ैर क़ानूनी रूप से अमरीका पहुंचने वाले शरणार्थियों के बच्चों की शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मदद की जाती थी। ट्रम्प ने 2017 में इस कार्यक्रम पर अमल रोक दिया था।
न्यूयार्क में ब्रोकलीन की अदालत के जज निकोलस गैरोवीस ने अमरीकी प्रशासन से कहा कि वह प्रवासियों को इस कार्यक्रम के तहत अपना पंजीकरण कराने की अनुमति दे।
इस कार्यक्रम से लगभग 7 लाख लोगों को फ़ायदा पहुंचेगा जो लैटिन अमेरिका से यूएस पहुंचे हैं और बड़ी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा भी अन्य तीन लाख लोगों को इस कार्यक्रम से बड़ा फ़ायदा मिलेगा।
ड्रीमर्ज़ के मामले में यह ट्रम्प को बहुत बड़ी शिकस्त हुई है। अदालत ने ट्रम्प प्रशासन को कुछ महीने पहले भी रोका था कि वह ड्रीमर्ज़ कार्यक्रम को बंद न करें मगर ट्रम्प प्रशासन ने इस कार्यक्रम में पंजीकरण के नए आवेदन स्वीकार करना बंद कर दिया था।
ड्रीमर उन प्रवासियों को कहा जाता है जिनकी उम्र तीस साल से कम है और जो बचपन में अमरीका पहुंचे थे।
ट्रम्प शासन शुरू होने के बाद से यह लोग बड़ी कठिनाइयों में पड़ गए थे क्योंकि ट्रम्प ने अनौपचारिक रूप से अमरीका पहुंचने वाले प्रवासियों के ख़िलाफ़ लड़ाई छेड़ दी थी।
निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वह ड्रीमर्ज़ कार्यक्रम को दोबारा चालू करेंगे।