ईरान की सरकार के प्रवक्ता अली रबीई का कहना है कि हालिया दिनों विदेशी कंपनियों ने ईरान के बाज़ार में लौटने के लिए संपर्क तेज़ कर दिया है। राष्ट्रपति रूहानी पहले ही कह चुके हैं कि ईरान प्रतिबंध हटवाने की पूरी कोशिश करेगा।
लगभग एक साल हो रहा है कि ईरान से आख़िरी बड़ी यूरोपीय कंपनी भी अमरीका के प्रतिबंधों के कारण चली गई थी मगर अब यूरोपीय संघ ईरान में निवेश के लिए एक सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है जिसमें कंपनियों को ईरान में नए सिरे से निवेश करने की संभावनाओं और अवसरों के बारे में बताया जाएगा।
ईरान के आर्थिक विशेषज्ञ पैमान यज़दानी का कहना है कि तेल और गैस के सेक्टर एसे हैं जिनमें विदेशी कंपनियां भारी निवेश करने में रूच ले रही हैं जबकि ऊर्जा के दूसरे क्षेत्रों में भी विदेशी कंपनियों की ख़ास दिलचस्पी है।
ईरान ने अपने लगभग सभी सेक्टरों को डेवलप करने पर काम किया है लेकिन बहुत से क्षेत्र हैं जहां अभी काफ़ी काम हो सकता है।
अमरीकी प्रतिबंधों के कारण यूरोपीय कंपनियां ईरान के बाज़ार से निकल तो गई थीं मगर उनकी हमेशा यह कोशिश रही कि ईरान के बाज़ार में लौटने का सुरक्षित अवसर मिल जाए। अब इन कंपनियों को लगता है कि ओबामा शासन काल की तरह बाइडन के ज़माने में भी ईरान में काम करने का माहौल बनेगा और वह चीनी कंपनियों का मुक़ाबला कर सकेंगी।