अंसारुल्लाह आंदोलन के पोलित ब्योरो के सदस्य मुहम्मद बुख़ैती ने कहा कि हम जानते हैं कि यमन के ख़िलाफ़ युद्ध में शुरू से ही ब्रिटेन और अमरीका भी शामिल हैं।
बुख़ैती ने कहा कि हम विदेशी कंपनियों को चेतावनी देते हैं कि वह सऊदी अरब से निकल जाएं और समुद्री जहाज़ों के लिए भी हमारी चेतावनी है कि वह सऊदी अरब के तटों और बंदरगाहों के क़रीब जाने से परहेज़ करें क्योंकि वहां मौजूद सारे ही प्रतिष्ठान हमारे निशाने पर हैं।
अंसारुल्लाह आंदोलन की वार्ताकार टीम के प्रमुख मुहम्मद अब्दुस्सलाम ने भी ट्वीट किया कि अमरीका या ब्रितानी कोई भी फ़ोर्स और हथियार सऊदी शासन व्यवस्था को बचा नहीं पाएगा यह शासन यमन के हमलों से तभी सुरक्षित होगा जब वह यमन पर हमले करना बंद कर देगा।
अब्दुस्सलाम ने लिखा कि हम सऊदी अरब को वार्निंग देते हैं कि वह यमन पर कोई भी हमला करने से पहले अच्छी तरह सोच ले।