सैयद इब्राहीम रईसी का कहना है कि विश्व के देश भी अब इस बात को भलिभांति समझ रहे हैं कि स्वतंत्र देशों पर दबाव डालने के लिए मानवाधिकारों को प्रयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कनाडा की ओर से ईरान के विरुद्ध पेश किये जाने वाले तथाकथिक मानवाधिकार के प्रस्ताव से अधिकांश देश सहमत नहीं थे। उनका कहना था कि इसके पीछे अमरीका, ज़ायोनी शासन और कुछ पश्चिमी देशों का हाथ है। ईरान के न्यायपालिका प्रमुख ने बताया कि इस्लामी शिक्षाओं के आधार पर इस्लामी गणतंत्र ईरान, हमेशा से मानवाधिकारों के सम्मान पर कटिबद्ध है। उनका कहना था कि कनाडा स्वयं ही मानवाधिकारों का हननकर्ता और भ्रष्टाचारियों का अड्डा है। एसे में उसके विरुद्ध प्रस्ताव लाया जाना चाहिए।
इब्राहीम रईसी ने बताया कि ईरान द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी से संघर्ष के संबन्ध में राष्ट्रसंघ का व्यवहार दोहरे मानदंडों पर आधारित है। उनका कहना था कि अगर ईरान, मादक पदार्थों की तस्करी को गंभीरता से न रोके तो मादक पदार्थ, पूरे यूरोप और अमरीका में फैल जाएंगे।