20 नवंबर 2020 - 17:51
सीरिया पर हमला करके इस्राईल क्यों अपनी ही पीठ थपथपाता है, क्या हमला करके भाग निकलने पर ख़ुश है इस्राईल, क्या हिज़्बुल्लाह सही वक़्त की तलाश में है???

सीरिया में अनेक स्थानों पर हमले के बाद इस्राईल खुलकर हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार करता है और इस बार कुछ अलग हुआ और इस्राईल ने जहां ज़िम्मेदारी स्वीकार की वहीं इस्राईल के युद्धमंत्री बेनी गान्ट्ज़ जैसे इस्राईली सेना के कमान्डरों ने इस पर ख़ुशियां भी मनाईं लेकिन यहां पर यह सवाल पैदा होता है कि इस हमले पर इतना ज़्यादा ख़ुशी क्यों जबकि यह इस्राईल का सीरिया पर कोई पहला हमला तो नहीं है?

इस्राईली अधिकारियों ने यह दावा किया कि सीरियाई सेना गोलान हाइट्स में बारूदी सुरंगें लगा रही थी और यह हमला उनको जवाब देने के लिए किया गया, यह बात केवल आंतरिक मुद्दों और इस शासन के कुछ अधिकारियों के अपने राजनैतिक हित साधने तक तो सही हो सकती है।

वास्तव में बेनी गान्ट्स ने इस तरह के हमले को सीरिया और प्रतिरोध के मोर्चे को जवाबी कार्यवाही के रूप पर दिखाने की कोशिश की जिनके बारे में सबको यह पता है कि वह नेतेनयाहू का उतराधिकारी बनने का प्रयास कर रहे हैं।

इस्राईली मीडिया ने भी जो सबसे क्रूर नेता के सत्ता में आने के इच्छुक हैं, इस मामले को ख़बू हवा दी जबकि इस्राईली समाज नेतेनयाहू के भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर उनको अपदस्थ किए जाने की मांग कर रहा है।

नेतेनयाहू और उनकी पार्टी लिकोड को इस बात की चिंता खाए जा रही है कि अब ट्रम्प वाइट हाऊस से बोरिया बिस्तरा समेट रहे हैं क्योंकि ट्रम्प ने बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी और गोलाइन हाइट्स पर इस्राईल के क़ब्ज़े को मान्यता दी थी और यही ट्रम्प थे जिन्होंने सेन्चुरी डील का शगूफ़ा भी छोड़ा था।

दूसरी ओर इस्राईल को लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह की जवाबी कार्यवाही का डर सताए हुए है क्योंकि जुलाई 2020 में इस्राईल ने हवाई हमला करके सीरिया में हिज़्बुल्लाह के एक जवान को शहीद कर दिया था। इस्राईल को सीरिया में ईरान की सलाहकार के रूप में उपस्थिति और इस्राईल के आधुनिक ड्रोन विमानों को निशाना बनाने के लिए ताक़त रखने वाले सटीक मीज़ाइलों के हिज़्बुल्लाह तक पहुंचने की भी चिंता खाए जा रही है।

इस्राईल को यह पता है कि वह अमरीका विशेषकर ट्रम्प के समर्थन के बावजूद सीरिया या लेबनान के विरुद्ध युद्ध का मोर्चा नहीं खोल सकता इसीलिए वह इस प्रकार के हमले करके तथा सीरिया में सक्रिय आतंकवादियों का समर्थन करके अपने लक्ष्य साधने की कोशिश कर रहा है लेकिन उसको यह भूलना नहीं चाहिए कि उसकी हर करतूत का जवाब दिया जाएगा और यह बात बल देकर कही जा चुकी है, लेकिन यह जवाब कैसा और कब होगा, यह समय और हालात पर निर्भर करेगा।