सऊदी शासक, सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ ने अपने हालिया एक बयान में ईरान पर आरोप लगा कर विश्व समुदाय से मांग की कि वह ईरान के खिलाफ क़दम उठाएं।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सईद खतीबज़ादे ने सोमवार को वीडिया कान्फ्रेंसिंस द्वारा पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सऊदी शासकों का इस तरह का बार बार दोहराया जाने वाला और ऊबाऊ बयान स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब हथियारों की खरीदारी के अपने लोभ और इलाक़े की सही पहचान न होने और अपनी जनता के दमन के कारण इलाक़े की व्यवस्था नहीं संभाल सकता।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात पर बल देते हुए कि यमन की जनता के जनसंहार से शांति स्थापित नहीं की जा सकती, कहा कि तकफीरी गुटों से एकजुटता नहीं दर्शायी जा सकती और इस्लामी जगत के संसाधनों को फिलिस्तीनियों के प्रति गद्दारी के लिए नहीं प्रयोग किया जा सकता।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि तेहरान, आले सऊद के सभी षडयंत्रों , योजनाओं और गलतियों को भली भांति जनता है, कहा कि ईरान और सऊदी अरब पड़ोसी देश हैं और उनके पास इलाक़े के विकास के लिए एक दूसरे के साथ सहयोग के अलावा कोई और रास्ता नहीं है।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने परमाणु समझौते और अमरीका की नयी सरकार के बारे में पूछे गये एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अगर परमाणु समझौते के पक्षों ने अपने कर्तव्यों का पालन किया तो ईरान भी सकारात्मक जवाब देगा।