राष्ट्रपति हसन रुहानी ने बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में कहा कि अमरीका की जाने वाली वर्तमान सरकार ने अपनी सभी नीतियों में ईरान से दूरी अपनायी जबकि ईरान की नीतियों का आधार, सार्थक और वरिष्ठ नेता के शब्दों में पूरी दुनिया के साथ व्यापक सहयोग है और जिन लोगों ने यह दुश्मनी शुरु की उन्हें खुद ही यह दुश्मनी खत्म करना होगी और जब भी वह ईरान के खिलाफ अपनी शत्रुतापूर्ण नीतियां खत्म कर देंगे, परिस्थितियां बदल जाएंगी।
राष्ट्रपति रूहानी ने अमरीकी सरकार को बदलने के इस देश की जनता के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि अमरीका के वर्तमान राजनेता, अंतरराष्ट्रीय राजनीति की अधिक जानकारी नहीं रखते और वह लगभग अमरीकी कट्टरपंथियों और ज़ायोनी शासन के आदेशों का ही पालन करते रहे हैं।
राष्ट्रपति ने विदेश नीतियों में अमरीका की फज़ीहत का उल्लेख करते हुए कहा कि अमरीकियों की विदेश नीतिय में बहुत फज़ीहत हुई है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय संबंधों के इतिहास में कभी एसा नहीं हुआ कि संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीकी कोई प्रस्ताव पेश करें और उसके समर्थन में केवल अमरीका और एक छोटा सा द्वीप ही मतदान करे।
राष्ट्रपति रूहानी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीका के प्रति ईरान की नीतियां पूरी तरह से स्पष्ट हैं बल दिया कि अमरीका की वर्तमान सरकार ईरानी व्यवस्था को गिराने का सपना देखती थी मगर अब लज्जाजनक रूप से खुद ही गिर गयी है।