शीराज़ के नमाज़ी अस्पताल में बच्चों की न्यूरोसर्जरी के विशेषज्ञ डाॅक्टर मसऊदी ने एक डेढ़ी वर्षीय बच्ची के दिमाग़ के दाएं हिस्से को सफलता के साथ पूरा का पूरा निकाल कर उसे एक नया जीवन प्रदान किया है। डाॅक्टर मसऊदी ने बताया कि इस बच्ची के मस्तिष्क के दाहिने हिस्से में कमी के कारण उसके शरीर में बहुत खिंचाव होता था और वह कोई भी काम नहीं कर पाती थी। उसे हाथ पैर हिलाने और चीज़ें सीखने में भी कठिनाई हो रही थी और समय गुज़रने के साथ उसकी मौत की आशंका बढ़ती जा रही थी।
डाॅक्टर मसऊदी ने कहा कि बच्ची के दिमाग़ के एमआरआई और विभिन्न टेस्टों के बाद हमने उसके दिमाग़ के दाहिने हिस्से को, जिसमें समस्या थी, सर्जरी करके बाहर निकालने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि यह सर्जरी बहुत दुर्लभ है और अब तक संसार के केवल एक या दो देशों में ही हुई है। इस सर्जरी के लिए अत्यंत विकसित व आधुनिक केंद्र की ज़रूरत होती है। डाॅक्टर मसऊदी ने बताया कि शीराज़ के नमाज़ी अस्पताल में इससे पहले भी कई मुश्किल सर्जरियां हो चुकी हैं इस लिए हमने यह सर्जरी यहीं करने का फ़ैसला किया।
उन्होंने बताया कि हमने बड़ी सफलता से बच्ची के मस्तिष्क के दाहिने हिस्से को सर्जरी के माध्यम से निकाल दिया। डाॅक्टर मसऊदी ने कहा कि सर्जरी के बाद बच्ची को रिकवर होने में काफ़ी समय लगने की संभावना थी और इसी दौरान उसके मस्तिष्क का बाएं हिस्से को, दाहिने हिस्से का काम भी करना था और ईश्वर की कृपा से एक साल में यह बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ हो गई है और ताज़ा एमआरआई से पता चला है कि उसके मस्तिष्क का दाहिना हिस्सा भी धीरे धीरे पनप रहा है।