अबनाः इस्राईल के एक सैन्य कमान्डर ने गादी एज़ेन्कोत ने जार्डन की राजधानी ओमान में सऊदी अरब के राजदूत ख़ालिद अलफ़ैसल बिन तुर्की और इस्राईल के राजदूत एनात शलाइन की मुलाक़ात की ओर से संकेत करते हुए कहा कि इस्राईल और सऊदी पक्षों ने इस मुलाक़ात में जो जार्डन की स्वतंत्रता की 70वीं वर्षगांठ के राष्ट्रीय कार्यक्रम में हुई, यमन में सऊदी अरब के सामने मौजूद चुनौतियों की समीक्षा की।
जार्डन में सऊदी अरब के राजदूत ख़ालिद अलफ़ैसल बिन तुर्की ने यमन युद्ध के लंबा खिंचने की ओर संकेत करते हुए कहा कि रियाज़ अपनी विफलताओं की भरपाई के लिए युद्ध की रणनीति बदलने और इस्राईल के सैन्य अनुभवों से लाभ उठाने पर विवश है।
जार्डन में इस्राईल के राजदूत एनात शलाइन के हवाले से इस इस्राईल सैन्य कमान्डर ने कहा कि यमन में रियाज- तेलअवीव का द्विपक्षीय सहयोग, लाल सागर के निकट तइज़ की हवाई छावनी को इस्राईल के हवाले किए जाने से सशर्त होगा।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब ने मार्च 2015 से अपने घटकों के साथ यमन पर चौतरफ़ा हमला किया ताकि इस देश की सत्ता में त्यागपत्र दे चुके मंसूर हादी को पहुंचा सके किन्तु अभी तक वह अपने किसी भी लक्ष्य में सफल नहीं हो सका है। सऊदी अरब के हमलों में अब तक हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं।