31 मई 2016 - 12:54
एक और शरणार्थी शिशु का बेजान शव मिला।

एक मानवता प्रेमी संगठन ने एक जर्मन सहायताकर्मी की गोद में एक शरणार्थी शिशु के बेजान शव की तस्वीर छापी है जिसने एक बार फिर संसार में हंगामा मच गया है।

एक मानवता प्रेमी संगठन ने एक जर्मन सहायताकर्मी की गोद में एक शरणार्थी शिशु के बेजान शव की तस्वीर छापी है जिसने एक बार फिर संसार में हंगामा मच गया है।
एक साल से भी कम के दिखाई देने वाले इस शिशु का शव भूमध्य सागर में शुक्रवार को शरणार्थियों से भरी एक नौका के पलट जाने के बाद निकाला गया। इस घटना के बाद रविवार को इटली की वायु सेना के एक जहाज़ ने इस देश के दक्षिणी तटवर्ती शहर में 45 शरणार्थियों के शव पहुंचाए हैं। इस बचाव कार्य में इटली के नौसैनिकों ने 135 लोगों को ज़िंदा भी बचा लिया। जर्मनी की "सी वाॅच" नामक मानवता प्रेमी संस्था ने लीबिया व जर्मनी के बीच जलक्षेत्र में एक बचाव नौका में अपने एक सहायताकर्मी की गोद में एक शिशु के शव का चित्र छापा है जिसे देख का एेसा लगता है कि वह सहायताकर्मी की गोद में आराम से सो रहा है।
गुड़िया की तरह पानी पर तैर रहा था बच्चे का शव
मार्टिन नामक इस सहायताकर्मी ने बताया कि इस बच्चे का शव एक गुड़िया की तरह हाथ खोले पानी पर तैर रहा था। मार्टिन ने बड़े आराम से इस प्रकार बच्चे के शव को अपनी गोद में उठाया मानो वह अभी ज़िंदा हो। अब यह चित्र बड़ी तेज़ी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। मार्टि ने, जिनके तीन बच्चे हैं, कहा कि मैंने स्वयं को शांत करने के लिए गुनगुनाना शुरू किया ताकि इस हृदय विदारक घटना पर प्रतिक्रिया जता सकूं। इससे सिर्फ़ 6 घंटे पहले ही यह बच्चा जीवित था। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि बच्चे के मॉं-बाप जीवित हैं या नहीं।
पिछले साल भी सितम्बर के महीने में ईलान कुर्दी नामक सीरिया का एक शिशु, जो अपने माता-पिता के साथ यूरोप में शरण की खोज में समुद्री मार्ग से जा रहा था, डूब कर मर गया था।
हर घंटे पांच शरणार्थी डूबते हैं
यूरोप के मानवाधिकार संगठन ने जारी साल में शरणार्थियों के डूब कर मरने की घटनाओं में वृद्धि की सूचना देते हुए बताया है कि भूमध्य सागर में हर घंटे, पांच शरणार्थी डूब कर मर जाते हैं। मंगलवार को यूरोपियन ह्यूमन राइट्स वॉच की ओर से जारी होने वाले एक बयान में कहा गया है कि वर्ष 2016 के आरंभ से अब तक इटली के कोस्ट गार्ड्स ने 46 हज़ार से अधिक लोगों को भूमध्य सागर में डूबने से बचाया है। बयान में कहा गया है कि इस साल अब तक 800 से अधिक शरणार्थी भूमध्य सागर में डूब कर मर गए हैं जिनका औसत हर घंटे में पांच होता है।