ईरान के सशस्त्र बल के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ मेजर जनरल हसन फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि अमरीका और आले सऊद शासन को क्षेत्रीय राष्ट्रों के ख़िलाफ़ अपनी युद्धोन्मादी नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इर्ना के अनुसार, जनरल फ़ीरोज़ाबादी ने सोमवार को क्षेत्र के ताज़ा हालात और सीरिया पर चढ़ाई करने पर आधारित सऊदी अरब की हालिया धमकी का उल्लेख करते हुए कहा कि आले सऊद शासन, विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विफलता के कारण ग़ुस्से में इधर-उधर हाथ-पांव मार रहा है। उन्होंने कहा कि अमरीका, ज़ायोनी शासन और आले सऊद के त्रिकोण के षड्यंत्र से पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ़्रीक़ा में कोई भी मुसलमान देश सुरक्षित नहीं बचा है।
जनरल हसन फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि अब वह वक़्त आ गया है जब मुसलमान देश होश में आएं और अपनी जनता की सुरक्षा, स्वाधीनता, आर्थिक स्थिति और संस्कृति के बारे में सोचें।
ईरान के सशस्त्र बल के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ मेजर जनरल फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि सऊदी अरब की सीरिया में अपने थल सैनिक भेजने की धमकी यह दर्शाती है कि आले सऊद शासन सीरिया के ख़िलाफ़ लड़ाई के मैदान में पूरी तरह हार गया है। उन्होंने कहा कि कई साल की जंग और थोपे गए आतंकवाद के बाद, सीरियाई जनता एकजुट हो गयी है और हालिया सफलताओं के साथ अब वह शांति हासिल करने के क़रीब पहुंच गयी है।
जनरल फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि आले सऊद और अमरीका के पास सिर्फ़ एक रास्ता है वह यह कि क्षेत्रीय देशों पर अत्याचार, रक्तपात और खोखली धमकी से हाथ उठाते हुए, अपनी विफल नीति के बारे में पुनर्विचार करें ताकि क्षेत्र में फिर से शांति लौट आए और राष्ट्र अपने मामले ख़ुद हल करें।