आतंकवाद से संघर्ष के लिए ईरान व भारत के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान शुरू हो गया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय में एशिया-पेसिफ़िक मामलों के सचिव इब्राहीम रहीम पूर ने नई दिल्ली मे हमारे संवाददाता से बात करते हुए पिछले कुछ वर्षों में चरमपंथ व आतंकवाद के फैलाव पर भी देशों की चिंताओं में वृद्धि की ओर संकेत किया और कहा कि भारत और ईरान दो एेसी बड़े, प्रभावी व स्थिर देश हैं जिन्होंने पूरी शक्ति के साथ इन परिस्थितियों में भी अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ी जनसंख्या और धार्मिक विविधता के साथ अपने दरवाज़ों तक पहुंचने वाली चरमपंथ की लहर से चिंतित है और जयपुर में काउंटर टेररिज़्म के अंतर्गत आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में ईरान ने सक्रिय रूप से भाग लिया है।
ईरान के विदेश सचिव ने कहा कि इस सम्मेलन में, जो अरब देशों की सम्मिलिति के बिना आयोजित हुआ, सभी देशों के बीच आतंकवाद और चरमपंथ से मुक़ाबले के लिए सहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर बल दिया गया। रहीम पूर ने कहा कि ईरान ने आतंकवाद से संघर्ष के लिए अब तक रूस, चीन और भारत के साथ, जो एशिया के महत्वपूर्ण देश हैं, गंभीर वार्ताएं की हैं।