संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने एक बार फिर फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों के अतिग्रहण और अवैध रूप से ज़ायोनी कालोनियों के निर्माण के लिए ज़ायोनी शासन की आलोचना की है।
बान की मून ने न्यूयार्क टाइम्ज़ में छपे अपने एक लेख में लिखा है कि इतिहास ने सिद्ध किया है कि लोग हमेशा, अतिग्रहण का मुक़ाबला करते रहेंगे। उन्होंने पश्चिमी तट की 370 हेक्टर कृषि भूमि का अतिग्रहण करने और डेढ़ सौ नई ज़ायोनी कालोनियों का निर्माण करने के लिए इस्राईल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस्राईल की ओर से कालोनियों का विस्तार जारी है और साथ ही पश्चिमी तट के फ़िलिस्तीनियों के हज़ारों घर तबाही की कगार पर हैं। उन्होंने लिखा है कि लगभग आधी शताब्दी से जारी अतिग्रहण के कारण फ़िलिस्तीनयों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने अपने लेख में लिखा है कि फ़िलिस्तीनी भूमियों का असीम अतिग्रहण इस्राईलियों व फ़िलिस्तीनियों की सुरक्षा व भविष्य को कमज़ोर बना रहा है।
बान की मून ने अतिग्रहित क्षेत्रों में तनाव जारी रहने पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि यह तनाव, दो राष्ट्रों के गठन की योजा को ख़तरे में डाल देगा। उन्होंने पिछले सप्ताह भी संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में ज़ायोनी शासन की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि शांति तक पहुंचने के लिए इस्राईल द्वारा बनाई जा रही कालोनियों के निर्माण को रोकना होगा।