9 जनवरी 2016 - 13:32
सऊदी अरब समस्त समझौतों व कानूनों को कुचल रहा है

ट्यूनीशिया के विभिन्न दलों व पार्टियों ने सऊदी अरब के वरिष्ठ शीया धर्मगुरू शेख निम्र बाक़िर अन्निम्र को इस देश की तानाशाही सरकार द्वारा फांसी दिये जाने की भर्त्सना करते हुए कहा है कि यह एक सोचा -समझा कार्य था और इसका लक्ष्य इस्लामी जगत के मध्य फूट डालना और इराक़, सीरिया और यमन में सऊदी अरब को मिलने वाली विफलताओं पर पर्दा डालना था। टयूनीशिया की पार्टियों व दलों ने बल देकर कहा कि सऊदी सरकार ने अपने हाथ से अपनी क़ब्र खोद ली है।

ट्यूनीशिया के विभिन्न दलों व पार्टियों ने सऊदी अरब के वरिष्ठ शीया धर्मगुरू शेख निम्र बाक़िर अन्निम्र को इस देश की तानाशाही सरकार द्वारा फांसी दिये जाने की भर्त्सना करते हुए कहा है कि यह एक सोचा -समझा कार्य था और इसका लक्ष्य इस्लामी जगत के मध्य फूट डालना और इराक़, सीरिया और यमन में सऊदी अरब को मिलने वाली विफलताओं पर पर्दा डालना था। टयूनीशिया की पार्टियों व दलों ने बल देकर कहा कि सऊदी सरकार ने अपने हाथ से अपनी क़ब्र खोद ली है।
अलग़द पार्टी के महासचिव उमर अश्शाहिद ने अलआलम के साथ साक्षात्कार में बल देकर कहा कि सऊदी अरब समस्त समझौतों व कानूनों को कुचल रहा है और वह दोस्त-दुश्मन का ध्यान नहीं रख रहा है।
उन्होंने कहा कि इस कार्य को विशेष समय पर अंजाम दिया गया और शेख निम्र बाक़िर अन्निम्र के संबंध में सऊदी अरब का अपराध एक वास्तविक विफलता व पराजय है जिससे सऊदी सरकार के स्तंभ हिल जायेंगे।
उन्होंने कहा कि यह सरकार सीरिया इराक और यमन में पराजित हो चुकी है और सऊदी अरब, तुर्की और इस्राईल के मिलने से जो त्रिपक्षीय गठजोड़ बना है वह भी विफल होगा। इसी मध्य टयूनीशिया के एक वरिष्ठ धर्मगुरू ने भी कहा है कि सऊदी सरकार ने वरिष्ठ शीया धर्मगुरू शेख निम्र बाक़िर अन्निम्र को फांसी देकर राजनीतिक आज़ादी की आवाज़ को दबाने और इस्लामी जगत में फूट डालने के लिए अपनी क़ब्र अपने हाथ से खोद ली है।
उन्होंने कहा कि यह सरकार साम्राज्यवाद के प्रतिनिधि के रूप में काम कर रही है और खुल्लम- खुल्ला वह अंतरराष्ट्रीय जायोनिज़्म की घटक है।
इसी मध्य अलआलम से वार्ता करते अलअमल डेमोक्रेटिक पार्टी के महासचिव अब्दुर्रज़्ज़ाक अलमहामी ने भी कहा है कि हम शेख निम्र बाक़िर अन्निम्र को सऊदी अरब में आज़ादी की मांग करने वालों का प्रतीक मानते हैं और दूसरे देशों का आह्वान करते हैं कि वे आंख मूंदकर सऊदी अरब की तानाशाही सरकार का समर्थन न करें।