ईरान के कई वरिष्ठ धर्मगुरुओं ने शैख़ निम्र को दिए गए मृत्युदंड पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
आयतुल्लाह हुसैन नूरी हमदानी ने शैख़ निम्र के मृत्युदंड की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि इस दुखद घटना पर शिया और सुन्नी मुसलमानों को प्रतिक्रियाएं दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनेक देशों के आग्रह के बावजूद सऊदी अरब की ओर से शैख़ निम्र को शहीद किया जाना, पूरे संसार के मुसलमानों का अपमान है।
आयतुल्लाह जाफ़र सुबहानी ने भी कहा है कि शैख़ निम्र, न्याय-प्रेम व ईश्वरीय भय की मूर्ति थे। उन्होंने कहा कि वे एक परिवार की तानाशाही को रोकना चाहते थे और सऊदी अरब में न्याय की स्थापना ही उनकी केवल एक इच्छा थी। उन्होंने कहा कि आले सऊद, लोगों की इच्छाओं का सम्मान किए बिना जो भी चाहता है अंजाम देता है।
एक अन्य वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाह साफ़ी गुलपायगानी ने भी शैख़ निम्र की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि उनकी शहादत ने एक बार फिर आले सऊद के काले चेहरे को संसार के समक्ष बेनक़ाब कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद ईश्वर की इच्छा से आले सऊद का पतन और निकट आ गया है।
ईरान के एक अन्य वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाह जवादी आमोली ने भी एक बयान जारी करके शैख़ निम्र को मृत्युदंड दिए जाने की कड़ी आलोचना की है और कहा कि इस महान धर्मगुरू की शहादत ने आले सऊद के पतन को और निकट कर दिया है।