ईरान के इस्लामी क्रांति रक्षक बल सिपाहे पासदाराने इन्क़ेलाबे इस्लामी के उप कमांडर ने कहा है कि अमरीका पिछले 37 वर्षों में पूरे संसार में युद्ध भड़काने का ज़िम्मेदार है।
ब्रिगेडियर जनरल हुसैन सलामी ने शनिवार को तेहरान में सुरक्षा संबंधी एक सम्मेलन में कहा कि सशक्त दुनिया, शांति को, युद्ध की तैयारी के लिए एक अवसर के रूप में देखती है। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि शक्तिशाली देशों की दृष्टि में शांति का कोई मूल्य व महत्व नहीं है, कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्ताव और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के क़ानून, कमज़ोर देशों पर शक्तिशाली देशों के अतिक्रमण को रोकने की क्षमता नहीं रखते।
ब्रिगेडियर सलामी ने कहा कि आज सऊदी अरब अपने आपको सशक्त महसूस करके अकारण यमन पर हमला कर देता है और यह केवल शक्ति के आभास का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि इराक़ का उत्तरी पड़ोसी भी स्वयं को ताक़तवर समझने लगा है और उसने इराक़ के केंद्र में अपने सैनिक तैनात कर दिए हैं, इसी प्रकार अमरीका भी अपनी शक्ति का आभास करके हर दिन पाकिस्तान पर हमले करता है और इराक़ पर क़ब्ज़ा कर लेता है। उन्होंने कहा कि जब ज़ायोनी, शक्ति का आभास करते हैं तो वे ग़ज़्ज़ा व लेबनान पर हमला करते हैं और शाम की गोलान की पहाड़ियों पर क़ब्ज़ा कर लेते हैं।
सिपाहे पासदाराने के उप कमांडर ने बल देकर कहा कि मुसलमानों की मुक्ति, स्वतंत्रता, सफलता, धार्मिक पहचान और प्रतिष्ठा केवल ईश्वर के मार्ग में जेहाद से ही प्राप्त होगी और इस मार्ग के चयन के अतिरिक्त, कल्याण का कोई रास्ता नहीं है।
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