इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने तेहरान में जर्मन विदेशमंत्री से भेंट में कहा है कि आतंकवाद जैसी समस्याओं के निवारण के लिए दो मुखे व्यवहार से दूरी ज़रूरी है।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शनिवार को फ़्रैंक वॉल्टर स्टेनमायर से तेहरान में होने वाली भेंट में कहा कि आतंकवाद जैसे मुद्दों पर सहयोग के लिए बुनियादी और महत्वपूर्ण सिद्धान्तों पर सभी देशों की प्रतिबद्धता और दोहरे मापदंड से दूरी ज़रूरी है।
उन्होंने कहा कि ईरान और जर्मनी, परस्पर संबंधों मे विस्तार के लिए प्रयास के अलावा, क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के निवारण, विशेषकर आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध और क्षेत्र में शांति व स्थिरता की स्थापना में एक दूसरे के साथ व्यापक सहयोग कर सकते हैं।
उन्होंने इस ओर संकेत करते हुए कि ज्वाइंट एक्शन प्लान, परमाणु वार्ता के सभी पक्षों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी, कहा कि तेहरान और बर्लिन को, इसके बाद पैदा होने वाले अवसरों से लाभ उठाते हुए परस्पर रूचि के सभी क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाना चाहिए।
इस भेंट में जर्मनी के विदेशमंत्री फ़्रैंक वॉल्टर स्टेनमायर ने भी इस बात का उल्लेख करते हुए कि हालिया सप्ताहों में तीन बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों ने ईरान की यात्रा की है और दो अन्य यात्रा की तैयारी में हैं कहा कि यह आर्थिक व सांस्कृतिक क्षेत्रों में परस्पर सहयोग बढ़ाने के अवसरों के चिन्ह हैं। उन्होंने कहा कि नैतिकता व राजनीतिक आवश्यकता के दृष्टिगत हमें आतंकवाद और इस प्रकार की अन्य क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त बिन्दु पर पहुंचना चाहिए और इस संदर्भ में हमें सीधी वार्ता की राह में आड़े आने वाली सभी बाधाओं को हटा देना चाहिए।
याद रहे जर्मनी के विदेशमंत्री, तेहरान में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन की आरंभिक बैठक में भाग लेने के लिए ईरान की यात्रा पर हैं।