8 सितंबर 2015 - 14:30
किसी भी देश को सीरिया के भविष्य के बारे में फ़ैसले का हक़ नहीं है।

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि कोई भी बाहरी देश सीरिया के भविष्य के बारे में फ़ैसला नहीं कर सकता और न ही उसे ऐसा करने की कोशिश करनी चाहिए।

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि कोई भी बाहरी देश सीरिया के भविष्य के बारे में फ़ैसला नहीं कर सकता और न ही उसे ऐसा करने की कोशिश करनी चाहिए।
डाक्टर हसन रूहानी ने मंगलवार को तेहरान में ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति हैन्स फ़िशर के साथ प्रेस कान्फ़्रेंस में सीरिया के संवेदनशील हालात का उल्लेख किया।  उन्हों कहा कि सभी को ऐसा माहौल बनाने में मदद करनी चाहिए जिससे सीरिया में प्रजातंत्र स्थापित हो सके और इस काम में क्षेत्र के सभी देशों को प्राथमिकता हासिल है यहांतक कि इस संदर्भ में प्रभाव रखने वाले सभी देशों को भी कोशिशें करनी चाहिए।
उन्होंने सीरिया की समस्या के समाधान में ईरान की भूमिका की ओर इशारा किया।  राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान हर उस वार्ता में भाग लेने के लिए तैयार है जिसमें सीरिया में शांति, स्थिरता और प्रजातंत्र की स्थापना की गारंटी हो।  उन्होंने कहा कि वह क्षेत्रीय देशों तथा विश्व शक्तियों के साथ इस बारे में बातचीत करेगा।
ईरानी राष्ट्रपति ने ईरान-ऑस्ट्रिया संबंधों के बारे में कहा कि दोनो देशों के संबंध का इतिहास बहुत पुराना है कि जिसके दौरान दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध थे। उन्होंने ईरान और गुट पांच धन एक के बीच परमाणु वार्ता की अच्छी तरह मेज़बानी करने पर ऑस्ट्रिया की सरकार की सराहना की।
डाक्टर रूहानी ने ऑस्ट्रिया के पत्रकार की ओर से इस देश के राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत के बारे में पूछे गए सवाल के बारे में कहा, निजी और आम बातचीत में क्षेत्रीय मामलों, आतंकवाद, और सीरिया सहित क्षेत्रीय देशों के सामने मौजूद समस्याओं पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि इन दिनों यूरोप के लोगों के मन में जो चिंता है वह मध्यपूर्व में आतंकियों के वजूद को लेकर है और इन आतंकियों के कारण जो लोग बेघर हुए हैं उससे इस बात का पता चलता है कि आतंकवाद का असर यूरोप सहित अन्य क्षेत्रों तक फैल सकता है।
इस अवसर पर ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति हैंस फ़िशर ने कहा कि उनका देश मानवाधिकारों को अहमियत देता है इसी प्रकार अन्य देशों के साथ अच्छे संबंध को भी बहुत महत्व देता है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रिया, ईरान के साथ वैज्ञानिक व सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने में रूचि रखता है और अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं का हल तथा आतंकवाद से संघर्ष चाहता है। ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति हैंस फ़िशर ने कहा कि उनका देश, शांति से संपन्न दुनिया का इच्छुक है।