7 सितंबर 2015 - 13:01
शरणार्थियों का प्रवेश रोकने के लिए बनाऐंगे एक बड़ी दीवार।

दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े शरणार्थी संकट के दौरान अवैध अधिकृत इलाक़ों में शरणार्थियों को प्रवेश करने से रोकने के लिए इस्राईल ने एक बड़ी दीवार बनानी की घोषणा की है।

दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े शरणार्थी संकट के दौरान अवैध अधिकृत इलाक़ों में शरणार्थियों को प्रवेश करने से रोकने के लिए इस्राईल ने एक बड़ी दीवार बनानी की घोषणा की है।
रविवार को मंत्रीमंडल की साप्ताहिक बैठक में इस्राईली प्रधान मंत्री बिंजामिन नेतनयाहू ने कहा कि शरणार्थियों और आतंकवादियों को रोकने के लिए जॉर्डन से लगी अपनी सीमा पर इस्राईल 30 किलोमीटर लम्बी बाड़ लगाएगा।
उल्लेखनीय है कि 2013 में इस्राईल ने मिस्र से लगी सीमा पर 230 किलोमीटर लम्बी दीवार के निर्माण का कार्य पूरा किय है। ज़ायोनी शासन ने लेबनान की सीमा और सीरिया और गोलान हाइट्स के बीच की रेखा पर बाड़ लगा दी है।
ज़ायोनी शासन पहले ही वेस्ट बैंक के बीच नस्लभेदी दीवार खड़ी करके अधिकांश इलाक़ों को एक दूसरे से काट चुका है। नेतयाहू का कहना था कि हम ग़ैर क़ानूनी शरणार्थियों और आतंकवादियों की लहरों में इस्राईल के डूबने की अनुमति नहीं देंगे।