5 सितंबर 2015 - 16:41
यमन, सऊदी अरब के नेतृत्व में बने गठजोड़ में मतभेद उत्पन्न।

यमन के मारिब प्रान्त में सऊदी अरब और उसके घटकों के विरुद्ध यमनी सेना की बड़ी कार्यवाही के बाद, यमन पर हमले के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व में बने गठजोड़ में मतभेद उत्पन्न हो गये हैं।

यमन के मारिब प्रान्त में सऊदी अरब और उसके घटकों के विरुद्ध यमनी सेना की बड़ी कार्यवाही के बाद, यमन पर हमले के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व में बने गठजोड़ में मतभेद उत्पन्न हो गये हैं।
अलमसीरा टीवी चैनल के अनुसार, यमन पर हमले के लिए बने सऊदी गठजोड़ के घटक एक दूसरे में गद्दारी और सूचनाएं लीक करने का आरोप लगा रहे हैं।
याद रहे शुक्रवार को यमनी सेना और असांरुल्लाह आंदोलन के लड़ाकों की कार्यवाहियों में सऊदी अरब, बहरैन और संयुक्त इमारात के 66 सैनिक मारे गये थे जिसके बाद संयुक्त अरब इमारात ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
इस हमले के बाद यमनी की सेना और जन समितियों ने, यमनी सीमा के भीतर घुसने वाली सऊदी और इमाराती सैनिकों को यमन से निकलने के लिए चौबीस घंटे का समय दिया है और कहा कि यदि इस दौरान व नहीं निकले तो उन्हें मारिब में किये गये हमले जैसे आक्रमणों के लिए तैयार रहना चाहिए।
यमनी सेना के एक जनरल ने शुक्रवार को मारिब प्रान्त में हुए हमले में सऊदी अरब, बहरैन और संयुक्त इमारात के दसियों सैनिकों के मारे जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने बार बार बल दिया है कि यमन की सेना ने अभी अपनी पूरी क्षमता का प्रयोग नहीं किया है।
याद रहे यमनी सूत्रों के अनुसार मारिब प्रान्त में हुए इस हमले में सऊदी अरब के 97, संयुक्त अरब इमारात के 83 और बहरैन के 31 सैनिक मारे गये थे। संयुक्त अरब इमारात ने अपने 45 सैनिकों के मारे जाने को स्वीकार किया है किंतु सऊदी अरब ने चुप्पी साध रखी है किंतु रिपोर्टों में बताया गया है कि सऊदी अरब का एक जहाज़ मारिब से लाशों को लेकर रवाना हुआ है।
इस हमले और यमनी सेना की चेतावनी के बाद संयुक्त अरब इमारात के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि वह अपने सभी सैनिकों को यमन से निकाल रहा है।