अहलेबैत (अ) न्यूज़ एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार इराक की संसद के सभापति हुज्जतुल इस्लाम वल मुसलेमीन सैयद अम्मार हकीम ने विश्व अहलेबैत (अ) परिषद के सम्मेलन के दौरान अबना प्रतिनिधि से बातचीत करते हुए कहा कि इराक पिछले दस सालों से आतंकवाद का अखाड़ा बना हुआ है।
उन्होंने इस बात की ओर इशारा करते हुए कहा कि आतंकवाद के इस दौर में केवल शियों को नुक़सान पहुँचा है तकफीरी टोले शियों को राफज़ी समझते हैं और उनका टारगेट भी शिया होते हैं और हर आने वाला आतंकवादी गिरोह पहले वाले से बदतर और बर्बर होता है।
उन्होंने कहा इराक की स्थिति और उसमें निहित आतंकवाद के खतरे खुद अमरीकी सेना से भी दूर नहीं हो पाए बल्कि उन्होंने स्थिति को आतंकवाद के लिए और अधिक प्रशस्त किया है।
सैयद अम्मार हकीम ने अमरीकी सेना के इराक छोड़ने के बाद उत्पन्न हुए हालात की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमरीकियों के निकलने के बाद आतंकवादी गुट अलकायदा नेटवर्क ने इराक में अहले सुन्नत, सरकार और शियों के बीच मतभेद फैलाकर आतंकवाद का माहौल तैयार किया।
उन्होंने यह सवाल उठाते हुए कहा कि कैसे हो सकता है 300 आईएसआईएल तत्व बिना किसी दुष्प्रचार के 90000 सैनिकों को शहर से भगा दें? जबकि उनके पास हर तरह के हथियार भी हो और वे हथियार डाल कर भाग जाएं!!
इराकी संसद के स्पीकर ने आगे बताया कि इराकी स्थिति यह थी कि सुन्नी क्षेत्रों में रात में आईएसआईएल का कब्जा था और दिन में सरकार का। यहां तक कि मूसेल जैसा प्रांत पूरी तरह से उनके हाथों में चला गया।
सैयद अम्मार हकीम ने कहा कि इन सभी चीजों की एक वजह राजनीतिक और सैन्य प्रणाली में मतभेद और कुछ मख्य लोगों का विश्वासघात था।
उन्होंने मरजेईयत की ओर से दिए गए जिहादे किफ़ाई के फतवे की ओर इशारा किया और कहा: इराक की स्थिति दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही थी कि आयतुल्लाह सीस्तानी ने जिहाद किफ़ाई का फतवा दिया और ईरान के समर्थन से स्वयंसेवक बल का गठन हुआ जिसने नक्शा बदल दिया और इराक को बचा लिया।
उन्होंने इस सवाल के जवाब में कि क्या आईएसआईएल के खिलाफ विश्व गठबंधन आईएसआईएल को उसके अपराध रोकने में उपयोगी साबित हुआ है? कहा कि क्या संभव है 64 देश अगर निश्चित रूप से इकठ्ठा हो जाएं और अपनी सैन्य प्रणाली का प्रयोग करें तो आईएसआईएल जैसा छोटा सा गुट बाक़ी रह जाए? आईएसआईएल के मुक़ाबले में उनका खुद को असमर्थ दिखाने का क्या मतलब है?
उन्होंने कहा कि आईएसआईएल मूसेल में मौजूद तेल के भंडार को विश्व बाजार में बेच रहा है क्या एक आतंकवादी टोले को यह अनुमति होनी चाहिए कि वे एक देश का तेल चुरा कर विश्व बाजार में बेच सके? यदि विश्व गठबंधन का समर्थन उन्हें नहीं प्राप्त होगा तो निश्चय ही यह काम नहीं हो सकता।
उन्होंने ईरान की ओर से इराक को प्राप्त समर्थन की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर सही अर्थ में इराक की किसी ने मदद की है तो वह ईरान है अगर जनरल कासिम सुलैमानी का समर्थन और मार्गदर्शन न होता तो इराक हरगिज सिर न उठा पाता।
उन्होंने यमन पर जारी सऊदी आक्रामकता की ओर इशारा करते हुए कहा कि सुप्रीम लीडर के अनुसार यह मज़लूम क़ौमें हैं कि जो सफल होंगी।