अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई ने विश्व अहलेबैत (अ) परिषद की जनरल असेम्बली के छठे सम्मेलन और इस्लामी देशों के रेडियो टीवी संघ के सम्मेलन के प्रतिभागियों की एक शानदार सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अभी समझौते के भविष्य के बारे में कोई नहीं जानता लेकिन अमेरिका ने ईरान के अंदर घुसपैठ की कोशिश शुरू कर दी है लेकिन हम अमेरिका के हस्तक्षेप और घुसपैठ का रास्ता पूरी तरह से बंद कर देंगे।
सुप्रीम लीडर ने कहा: अहलेबैत (अ) के साथ जुड़े होने का मतलब यह है कि हमें खुदा के हुक्म को लागू करने, इलाही शिक्षाओं के प्रसारण और प्रकाशन, अल्लाह की राह में संघर्ष और जिहाद के संबंध में कोशिश करनी चाहिए और अत्याचार और अन्याय करने वालों के साथ हर स्थिति में मुकाबला करना चाहिए।
सुप्रीम लीडर ने कहा: साम्राज्यवादी शक्तियों द्वारा इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ पिछले 35 साल से आर्थिक प्रतिबंध, धमकी, राजनीतिक षड्यंत्र और दबाव जारी हैं लेकिन ईरानी जनता को उनका हर वार सहन करने की आदत हो गई है।
सुप्रीम लीडर ने शिया व सुन्नी एकता पर बल देते हुए कहा कि ईरान धर्म से परे होकर हर दीन का समर्थन करता है ईरान, सुन्नी मज़लूमों का ग़ज़्ज़ा और फिलिस्तीन में समर्थन कर रहा है और इसी तरह बहरैन, यमन और लेबनान की मज़लूम जनता का भी समर्थन कर रहा है।
सुप्रीम लीडर ने कहा: अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने आईएसआईएल के गठन को खुद स्वीकार किया है जब कि हमने पहले ही घोषणा की थी कि अमेरिका आतंकवादियों का समर्थन करके उन देशों को कमजोर बना रहा है जो इस्राईल के खिलाफ हैं।
सुप्रीम लीडर ने कहा: जब इस्लामी जागरूकता के परिणाम स्वरूप ट्यूनीशिया, मिस्र और कुछ अन्य स्थानों पर साम्राज्यवाद और अमेरिका की समर्थित सरकारें गिर गईं तो उस समय अमेरिका ने इस्राईल और कुछ सहयोगी अरब देशों के साथ मिलकर यही फॉर्मूला सीरिया के खिलाफ इस्तेमाल किया जो इस्राईल एकमात्र विरोधी अरब सरकार थी और अमेरिका और ज़ायोनियों ने मिलकर सीरिया को आज गंभीर संकट के सामने ला खड़ा किया है।
सुप्रीम लीडर ने कहा: कुछ भोले भाले मुसलमान भी साम्राज्यवादी शक्तियों का जानबूझकर या बिना जाने बूझे समर्थन करना शुरू कर देते हैं और दुश्मन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।
सुप्रीम लीडर ने कहा: ईरान के पड़ोसी और मुस्लिम देशों के साथ अच्छे और दोस्ताना संबंध है और ईरान ने सभी इस्लामी देशों की तरफ़ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है।
सुप्रीम लीडर ने कहा: साम्राज्यवादी शक्तियां विशेषकर अमेरिका और इस्राईल, सीरिया और इराक़ को विभाजित करने की साजिश कर रहे हैं और इस बात की वह घोषणा भी कर रहे हैं लेकिन ईरान सीरिया और इराक को विभाजित करने की कदापि अनुमति नहीं देगा।