16 अगस्त 2015 - 19:19
हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई, अहलेबैत (अ) के रास्ते पर चल रहे हैं।

नजफ़े अशरफ़ के इमामे जुमा ने कल विश्व अहलेबैत परिषद की जनरल असेम्बली की छठी बैठक में इराक़ की स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा: इराक के सभी क़ौमें व जनजातियां आपस में एकजुट हैं और मज़दूर आतंकवादियों के मुक़ाबले में अपने देश की रक्षा करने में डटी हुई हैं।

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार नजफ़े अशरफ़ के इमामे जुमा ने कल विश्व अहलेबैत परिषद की जनरल असेम्बली की छठी बैठक में इराक़ की स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा: इराक के सभी क़ौमें व जनजातियां आपस में एकजुट हैं और मज़दूर आतंकवादियों के मुक़ाबले में अपने देश की रक्षा करने में डटी हुई हैं।
हज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन सद्रुद्दीन क़बाँची ने इस बात की ओर इशारा करते हुए कि इराक़ के दुश्मन इस देश को बांटने का षड़यंत्र रच रहे हैं कहा: कोई भी ताक़त और टोला इराक़ को विभाजित नहीं कर सकता इसलिए कि इराक के लोग अपने शहीदों के खून को कभी बर्बाद नहीं होने देंगे।
उन्होंने मुसलमानों को सांप्रदायिकता से दूर रहने पर बल देते हुए कहा: कुछ शिया व सुन्नी मुसलमानों के बीच मतभेद व फूट डालने की कोशिश करते हैं, मैं उनसे कहना चाहूंगा कि इराक और अन्य इस्लामी देश, इमाम खुमैनी (रह) की शिक्षाओं पर अमल करते हुए फूट फैलाने वाली सभी ताकतों का मुकाबला करेंगे।
उन्होंने ईरान को सभी मुस्लिम देशों के लिये आदर्श बताते हुए कहा कि केवल वही देश अत्याचारी ताक़तों के मुक़ाबले में सफल रहे हैं जो ईरान की इस्लामी क्रांति को अपना आदर्श माना हमें यह यक़ीन कर लेना चाहिए कि ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई के व्यवहार और चरित्र में अहलेबैत (अ) की झलक दिखाई देती है।
नजफ़े अशरफ़ के इमामे जुमा ने ईरान का आभार व्यक्त किया कि ईरान ने दुश्मन ताकतों के मुक़ाबले में इराकी जनता का समर्थन किया। उन्होंने सभी इस्लामी देशों को आईएस से मुक़ाबले के लिए आमंत्रित किया और हिजबुल्लाह और अन्य इस्लामी प्रतिरोध की सफलता के लिए दुआ की।
गौरतलब है कि विश्व अहलेबैत (अ) परिषद की जनरल असेम्बली की छठी बैठक जिसका शीर्षक इस्लामी उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए एकजुटता और तालमेंल है, कल शनिवार से तेहरान में शुरू हुई है जिसमें एक हजार के करीब महत्वपूर्ण शिया हस्तियों ने भाग लिया है।
इससे पहले इसी बैठक में इराक़ के पूर्व प्रधान मंत्री और वर्तमान उपराष्ट्रपति नूरी मालेकी ने भी भाषण दिया।
उन्होंने कहा: इस्लामी रिपब्लिक ईरान, इस्लामी इंक़ेलाब की लीडरशिप में अहलेबैत (अ) और उनके अनुयायियों बल्कि सभी मुसलमानों का विभिन्न राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में समर्थन करता है हम उसकी कोशिश और प्रयास को सराहते हैं और हमारा भी यही उद्देश्य है। हम शियों के बीच आपसी एकता, अन्य इस्लामी धर्मों से नज़दीक होने का कारण बनेगा। जब तक शियों के बीच एकता पैदा नहीं होगी अन्य धर्मों से निकटता भी संभव नहीं होगी।