12 अगस्त 2015 - 19:07
आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए गंभीर ख़तरा है

जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि अतिवाद न केवल मध्यपूर्व के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए गंभीर ख़तरा है।

जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि अतिवाद न केवल मध्यपूर्व के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए गंभीर ख़तरा है।
विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने अपने एक लेख में अतिवाद को पूरे विश्व के लिए गंभीर ख़तरा बताया है।
तुर्की के जुम्हूरियत समाचारपत्र में प्रकाशित जवाद ज़रीफ़ के लेख में आया है कि अतिवाद या आतंकवाद की कोई सीमा नहीं है।  उन्होंने कहा कि यह ऐसी बुराई है जो अपने विध्वंसकारी प्रभाव डालती है।  जवाद ज़रीफ़ ने अपने लेख में लिखा है कि इराक़ पर अमरीका के आक्रमण के बाद और अलक़ाएदा से संबंधित गुटों के अस्तित्व में आने पर इराक़ में आतंकवाद ने नया रूप धारण किया और वह अब आईएसआईएल के रूप में मौजूद है।
ईरान के विदेशमंत्री ने बल देकर कहा है कि जनसंहार, बलात्कार, लोगों के गले काटना, लोगों को अपना धर्म परिवर्तन करने के लिए बाध्य करना, यातनाएं देना, महिलाओं और पुरूषों को दास बनाना और इसी प्रकार के अन्य बहुत से जघन्य अपराध जिन्हें आईएसआईएल की ओर से सोशल मीडिया पर प्रसारित एवं प्रचारित किया जाता है, आतंकवाद के ही रूप हैं।
जवाद ज़रीफ़ ने अपने लेख में कहा है कि औद्योगिक देशों सहित विश्व के लगभग 90 देशों के लोगों द्वारा आईएसआईएल की सदस्यता, गंभीर चेतावनी है।  उन्होंने कहा कि हालिया वर्षों के दौरान इस्लामी देशों में सैनिक और राजनैतिक हस्तक्षेप से विषम परिस्थतियां उत्पन्न हुई हैं और इन्ही परिस्थितियों ने अतिवादी गुटों को अस्तित्व प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जवाद ज़रीफ़ के लेख में आया है कि अब सब ही इस विषय पर एकमत हैं कि अमरीका द्वारा इराक़ के अतिग्रहण से ही अतिवादी गुटों को पनपने में सहायता मिली है और यह एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक ग़लती थी।  जवाद ज़रीफ़ के अनुसार वर्तमान समय में मध्यपूर्व में सक्रिय यह आतंकवादी एवं अतिवादी तत्व इतने सशक्त हो गए हैं कि जिसका अनुमान उनके आक़ाओं को 2001 में बिल्कुल नहीं था।  यह ऐसी वास्तविकता है जिसका कोई भी इन्कार नहीं कर सकता।