ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि सुरक्षा परिषद से पारित होने वाला प्रस्ताव क्रमांक 2231 तेहरान के लिए बहुत बड़ी राजनैतिक व क़ानूनी उपलब्धि है।
डॉक्टर हसन रूहानी ने रविवार की रात टीवी से प्रसारित होने वाली सीधी वार्ता में इस बात का उल्लेख करते हुए कि राष्ट्रीय सुरक्षा, परमाणु समझौते की उपलब्धियों में से एक है, कहा कि इसी प्रस्ताव क्रमांक 2231 में ईरान के परमाणु अधिकारों और प्रतिबंधों की समाप्ति की बात स्वीकार की गई है जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि राष्ट्र का प्रतिरोध एक बड़ी पूंजी है, कहा कि यदि लोग प्रतिरोध न करते तो निश्चित रूप से हम सफल नहीं हो पाते और इसी प्रकार यदि हम परमाणु तकनीक के क्षेत्र में प्रगति न कर चुके होते तो संसार से वार्ता का कोई अर्थ ही नहीं होता।
राष्ट्रपति ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि सभी जानते हैं कि हम सामूहिक विनाश के हथियार बनाने के प्रयास में नहीं हैं और अगर हम ऐसा चाहते तो उस समय रासायनिक हथियार बना सकते थे जब सद्दाम ने ईरान पर रासानिक शस्त्रों से हमला किया था लेकिन हमने ऐसा नहीं किया तो ईरान की जनता, शिष्टाचार को छोड़ने वाली नहीं है और अगर किसी दिन हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना चाहेंगे तो यह काम प्रतिष्ठा के साथ करेंगे। डॉक्टर रूहानी ने इसी प्रकार कहा कि संसार में कोई भी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिक रहस्यों का सौदा नहीं करता और हम भी देश के छोटे से छोटे राज़ को इस समझौते के क्रियान्वयन के बहाने शत्रु के हाथ नहीं लगने देंगे।