क़ुम में हिंदुस्तानी उल्मा ने अपने देश के मौजूदा क़ौमी मुद्दों और ताज़ा हालात पर एक आपात बैठक बुलाई जिसमें दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।
बैठक में मौजूद उलमा ने मौलाना कल्बे जव्वाद साहब के नेतृत्व में चल रहे वक़्फ़ बचाओ आंदोलन और टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा इमाम खुमैनी र.ह के संबंध में प्रकाशित किए गए गुस्ताखाना और अपमानजनक मतलब के बारे में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
बैठक में शामिल होने वाले सभी उल्मा ने संयुक्त बयान जारी किया जिसमें वक़्फ़ बचाओ आंदोलन के सिलसिले में मौलाना कल्बे जव्वाद साहब के प्रयासों को सराहते हुए भारत में मौजूद उल्मा, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों और जनता से अपील की कि वह इस आंदोलन में मौलाना का पहले से ज़्यादा साथ दें और पूरा सहयोग करें ताकि क़ौमी और दीनी पूंजी और वक़्फ संपत्ति की रक्षा हो सके और उनमें किसी भी तरह का घोटाला न किया जा सके, इसलिए कि वक़्फ संपत्ति ऐसी मज़हबी पूंजी है जो क़ौम की तरक़्की व कल्याण में प्रभावी भूमिका अदा करती है।
इस बैठक में 27 जुलाई को लखनऊ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर यूपी पुलिस की बर्बरता और ज़ुल्म की निंदा की गई जिसमें औरतों और बच्चों को भी बेरहमी से मारा गया और गम्भीर रूप से घायल किया गया, तथा भारत सरकार से राज्य सरकार की अंदेखियों और मनमानियों के प्रति हस्तक्षेप करने की मांग भी की गई।
दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करते हुए उल्मा ने टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा इमाम खुमैनी र.ह की शान में जानबूझकर गुस्ताख़ी करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुये आक्रोश व्यक्त किया।
उलमा का कहना था कि इमाम खुमैनी इस्लामी दुनिया के नहीं बल्कि पूरी दुनिया की एक महान व प्रतिष्ठित हस्ती हैं जिनका सम्मान मुसलमान और गैर मुसलमान सभी करते हैं, टाइम्स ऑफ इंडिया ने इमाम खुमैनी के सिलसिले में बहुत शर्मनाक और झूठी बात लिख कर अपने गैर जिम्मेदार होने का परिचय दिया है और मीडिया के सिद्धांतों और मूल्यों का खुला उल्लंघन किया है, निश्चित रूप से यह अपमान सोची समझी साजिश के तहत विश्व साम्राज्यवाद की चमचागीरी और उसी के इशारे पर की गई है।
उल्मा ने इस संबंध में संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि अगरचे जनता द्वारा प्राप्त होने वाली शिकायतों के दबाव में इस समाचार पत्र ने अपनी वेबसाइट से वह निंदनीय पोस्ट हटा ली है और वहीं अपना माफीनामा भी दर्ज किया है लेकिन यह काफ़ी नहीं है, उसके संपादक को चाहिए कि वह टाइम्स ऑफ इंडिया न्यूज़ पेपर के पहले पेज पर और अपनी वेबसाइट के होम पेज पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए सभी पाठकों से अपने झूठ व ग़लत बयान पर माफी मांगें।
उल्मा ने हिंदुस्तान के विभिन्न क्षेत्रों ख़ास कर हैदराबाद, मुंबई और बेंगलूर में मौजूद उन उलमा और अवाम का आभार व्यक्त किया जिन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया की इस घिनौनी हरकत के महत्व और गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस थाने में एफ़आईआर और शिकायत दर्ज कराई तथा भारत के दूसरे इलाक़ों में उलमा और राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों से यह अपील की है कि वह भी अपने शहर में टाइम्स ऑफ इंडिया के इस गुस्ताखाना व अपमानजनक रवैये के खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करायें।
इस बैठक में मौलाना जमाल अब्बास सिरसवी, मौलाना शम्अ मोहम्मद रिजवी, मौलाना गुलाम रज़ा, मौलाना अब्बास बाक़री, मौलाना फ़ाएज़ बाक़री, मौलाना हैदर अब्बास रिज़वी, मौलाना मोहम्मद सक़लैन जौरासी, मौलाना आबिद रज़ा रिज़वी, मौलाना सज्जाद हैदर सफ़वी, मौलाना आकिफ़ ज़ैदी, मौलाना शाहिद प्रधान, मौलाना ज़मीर जाफ़री, मौलाना अली अकबर, मौलाना बाक़िर काज़मी आदि मौजूद थे।






