ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी में ईरान-भारत संसदीय मित्रता गुट ने सांस्कृतिक आदान प्रदान को तेहरान और नई दिल्ली के द्विपक्षीय संबंधों में विस्तार का कारण बताया है।
संसद में ईरान-भारत संसदीय मित्रता गुट के प्रमुख जवाद जहांगीरज़ादे ने तेहरान में भारत के राजदूत डीपी श्रीवास्तव से भेंट में कहा कि दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों विशेषकर सांस्कृतिक आदान प्रदान ने सदैव ही दोनों देशों के मध्य मैत्रीपूर्ण संबंधों के विस्तार और सुदृढ़ता के लिए मार्ग प्रशस्त किया है।
ईरान-भारत संसदीय मित्रता ग्रुप के प्रमुख ने इस मुलाक़ात में कहा कि दोनों देश राजनैतिक, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्रों में संयुक्त दृष्टिकोण रखते हैं इसी कारण विभिन्न क्षेत्रों में मैत्रीपूर्ण संबंधों के विस्तार के लिए दोनों के पास बहुत अवसर हैं जिनके बारे में योजना बनाकर भरपूर ढंग से लाभ उठाया जा सकती है। जवाद जहांगीरी ने क्षेत्रीय, आर्थिक और उद्योग के क्षेत्रों में ईरान और भारत के मध्य सहयोग को दोनों देशों के राष्ट्रों और समस्त क्षेत्रीय देशों के हित में बताया और कहा कि ईरान और भारत के संबंधों में सुदृढ़ता, क्षेत्र में स्थाई शांति व सुरक्षा की स्थापना में सहायता कर सकता है।
इस मुलाक़ात में तेहरान में भारत के राजदूत डीपी श्रीवास्तव ने भी द्विपक्षीय संबंधों विशेषकर आर्थिक क्षेत्र में मैत्रीपूर्ण संबंधों के विस्तार पर बल देते हुए कहा कि दोनों देशों की संसदों में सहयोग विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर आर्थिक व व्यापारिक संबंधों के विस्तार में सहायक सिद्ध हो सकता है।