सीरियाई सरकार ने इस देश के संकट के लिए इस्राईल को मुख्य रूप से ज़िम्मेदार बताया है।
सीरिया के उपविदेश मंत्री फ़ैसल मेक़दाद ने बुधवार को एक साक्षात्कार में कहा कि अगर इस्राईल को मौक़ा मिलता तो वह सीरिया के समर्थकों पर भी हमला करता लेकिन इस्राइली शासन के सरग़ना पहले सीरिया को तबाह करना चाहते थे और फिर इराक़ सहित दूसरे क्षेत्रीय देशों को निशाना बनाने का इरादा रखते थे। उन्होंने विदेश समर्थित आतंकियों और सीरिया के दुश्मनों के ख़िलाफ़ सीरियाई राष्ट्र, सरकार और सेना की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीरियाई सरकार और सेना को आतंकियों और उनके समर्थकों के ख़िलाफ़ प्रतिरोध का फल अब मिलने वाला है।
सीरिया के उपविदेश मंत्री ने कहा कि सीरिया के बारे में अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण अब बदल रहा है और इसका श्रेय सीरियाई जनता के प्रतिरोध तथा सीरियाई सरकार की समझदारी को जाता है। उन्होंने कहा कि विश्व समुदाय को अब यह बात समझ में आ गयी है कि उसे सीरिया के बारे में अपना नज़रिया बदलना चाहिए। फ़ेसल मेक़दाद ने तुर्की, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, सऊदी अरब और कुवैत में तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल के आतंकी हमलों का उल्लेख किया और कहा कि इन हमलों ने यह दर्शा दिया कि आईएसआईएल अपने समर्थकों पर भी रहम नहीं कर रहा है जिसने उसे पैसों और रंगरूटों से मदद की। अब आईएसआईएल के समर्थकों को यह बात समझ लेनी चाहिए कि एक न एक दिन आईएसआईएल उन्हें भी निशाना बनाएगा।सीरिया के उपविदेश मंत्री ने बताया कि जिन देशों ने सीरिया के ख़िलाफ़ लड़ाई की कमान संभाली है अब उन्हीं देशों के अधिकारी, सीरियाई अधिकारियों से संपर्क में अपनी इस फ़ाश ग़लती को मान रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें अपनी नीतियों की फिर से समीक्षा करनी होगी और इस जंग के परिणाम की ज़िम्मेदारी लेनी होगी।
फ़ैसल मेक़दाद ने आतंकवाद से संघर्ष के लिए सभी देशों के बीच सहयोग को ज़रूरी बताया और कहा कि अगर सीरिया में आतंकवाद से संघर्ष में विश्व समुदाय जीत जाए तो मानो उसने दुनिया के उन सभी देशों की मदद की है जिन्हें आतंकवाद के ख़तरे का सामना है।