22 जुलाई 2015 - 15:07
 आईएसआईएल दे रहा है कम उम्र लड़कों को ट्रेनिंग।

तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईए इराक़ और सीरिया में कम उम्र के लड़कों को सैनिकों और अपने विरोधियों को क़त्ल करने की ट्रेनिंग देता है। आईएसआईएल कम उम्र के लड़कों को बंधक बनाए गए लोगों के गले कांटने का तरीक़ा सिखाता है।

तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईए इराक़ और सीरिया में कम उम्र के लड़कों को सैनिकों और अपने विरोधियों को क़त्ल करने की ट्रेनिंग देता है। आईएसआईएल कम उम्र के लड़कों को बंधक बनाए गए लोगों के गले कांटने का तरीक़ा सिखाता है।
ब्रितानी अख़बार द डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिन पहले इराक़ में आईएसआईएल के चंगुल से फ़रार करने वाले ईज़दी क़बीले के चौदह साल के एक किशोर, यहया ने बताया कि आईएसआईएल ईज़दी क़बीले के लोगों को ज़बरदस्ती मुसलमान बनाता है।  उसने कहा कि बंधक बनाए जाने के बाद हमें ट्रेनिंग दी जाती है ताकि लड़ाई के लिए हमें इस्तेमाल किया जाए। ईज़दी संप्रदाय के इस लड़के ने बताया कि आईएसआईएल हमें पहले गुड़ियों की मदद से बंधक बनाए गए लोगों की गर्दन मारने का तरीक़ा सिखाता था।
इराक़ में ईज़दी संप्रदाय का यह लड़का मार्च में अपने भाई के साथ आईएसआईएल के चंगुल से फ़रार होने में कामयाब हो गया था। उसने समाचार एजेंसी असोशिएटेड प्रेस को बताया कि ईज़दी संप्रदाय के बड़ी उम्र के लोगों को क़त्ल कर दिया गया और औरतों तथा लड़कों को ग़ुलाम बनाया गया या फिर उन्हें ज़बरदस्ती मुसलमान बनने के लिए मजबूर किया गया।
यहया ने बताया कि वह अपने भाई और दूसरे रिश्तेदारों के साथ 5 महीने आईएसआईएल के कैंप में रहा है जहां उन्हें गुड़ियों के ज़रिए सिर काटने का तरीक़ा सिखाया जाता था ताकि हम आईएसआईएल द्वारा बंधक बनाए गए सैनिकों व लोगों का सिर कांटें। हमें यह सिखाया जाता था कि बंधक बनाए गए दुश्मन पर तलवार का वार कैसे करना है। यहया ने कहा कि आईएसआईएल के आतंकी दूसरों को नास्तिक बताते हुए हमसे कहते थे कि नास्तिकों की गर्दन काटनी चाहिए। अगर हमने उन्हें क़त्ल न किया तो वे हमें क़त्ल कर देंगे। हमें अपनी जान बचाने के लिए भी दुश्मन की गर्दन मारनी है।
ज्ञात रहे सीरिया और इराक़ में आईएसआईएल बच्चों को आतंकी हमलों के लिए आम तौर पर इस्तेमाल करता है। इससे पहले कम उम्र के लड़कों के हाथों आईएसआईएल के कई विरोधियों की गर्दन काटने के कई वीडियो सामने आ चुके हैं।
कुछ हफ़्ते पहले आईएसआईएल ने लड़कों के ज़रिए सीरिया के पलमीरा शहर में बंधक बनाए गए 25 सीरियाई सैनकों का क़त्ल कराया था।