10 जुलाई 2015 - 10:59
एटमी बातचीत में अमेरिका ने फिर बदला पैंतरा।

ईरान के विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि ईरान और गुट पांच धन एक की वार्ता में सामने वाले पक्ष ने अपने दृष्टिकोणों को परिवर्तित कर लिया है।

ईरान के विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि ईरान और गुट पांच धन एक की वार्ता में सामने वाले पक्ष ने अपने दृष्टिकोणों को परिवर्तित कर लिया है।
वियना से समाचार एजेन्सी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार गुरूवार को वियना में विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कठिन व जटिल वार्ता के कहा कि खेद की बात है कि हम दृष्टिकोणों और विशिष्टता लेने की चाह में परिवर्तन के साक्षी हैं और इस विषय ने समग्र परमाणु समझौते की प्राप्ति को कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा कि बहरहाल वार्ता की अपनी विशेषताएं हैं जो अंतिम दिनों की वार्ता हो सकती है। उन्होंने कहा कि हर शब्द के कम या अधिक कर देने से वार्ता के अंतिम परिणाम में बुनियादी परिवर्तन हो सकता है और इसी कारण हम बहुत सावधानी से वार्ता कर रहे हैं और सामने वाला पक्ष भी सतर्कता से कार्य कर रहा है। उन्होंने बल देकर कहा कि हम अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं और जैसाकि वरिष्ठ नेता एवं अधिकारियों ने कहा है कि हम एक प्रतिष्ठित वार्ता और समझौता करना चाहते हैं।
विदेशमंत्री ने बल देकर कहा कि हम वार्ता जारी रखेंगे और हमने वार्ता की मेज़ नहीं छोड़ी है और कभी भी वार्ता की मेज़ नहीं छोड़ेंगे अगर सामने वाला एक संतुलित व प्रतिष्ठित समझौता करना चाहता है तो निश्चित रूप से इस प्रकार का समझौता किया जा सकता है।
ईरान के विदेशमंत्री ने कहा कि इस समय हम ऐसे चरण पहुंच चुके हैं कि सचमुच सामने वाले पक्ष को निर्णय लेना चाहिये कि वह समझौता करना चाहता है या दबाव डालना चाहता है और हमने बारम्बार कहा है कि दबाव और समझौता एक साथ नहीं हो सकता है और इन दोनों में से किसी एक का चयन करना होगा।