3 जुलाई 2015 - 09:42
चीन, मुस्लिम आबादी इलाक़े की स्थिति में सुधार लाना चाहता है।

चीन के दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का कहना है कि देश में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले दक्षिणी क्षेत्र सिनकियांग में नई सभ्यता के विस्तार और वहां की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए चीनी सेना को अपनी भूमिका अदा करनी चाहिए।

चीन के दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का कहना है कि देश में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले दक्षिणी क्षेत्र सिनकियांग में नई सभ्यता के विस्तार और वहां की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए चीनी सेना को अपनी भूमिका अदा करनी चाहिए।
रोइटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार कम्यूनिस्ट पार्टी की मैग्ज़ीन क़ीशी के हालिया संस्करण में दक्षिणी सीनकियांग मिलेट्री रीजन के कमान्डर ली हाई यांग और सैन्य अधिकारी मियाऊ वेन्जियांग ने लिखा कि सिपाहियों को इस क्षेत्र से प्रेम की कामना करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें एकता प्रेम को फैलाने की आवश्यकता है और अनार के दानों की तरह समस्त जातीय गुटों के लोगों को एक साथ जोड़े रखने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि उईगर मुसलमानों में अप्रसन्ता और अशांति का कारण, रोज़गार में भेदभावपूर्ण व्यवहार और नौकरियों की प्राप्ति में जातीय भेदभाव है। बीजिंग सरकार ने हालिया कुछ वर्षों में इस क्षेत्र के विकास के लिए अपना ध्यान केन्द्रित किया है, विशेषकर उन दक्षिणी क्षेत्रों में जहां उईगर मुसलमानों और धार्मिक लोगों की संख्या अधिक है। मैग्ज़ीन में प्रकाशित होने वाले लेख में कहा गया है कि सैनिकों को दक्षिणी सिनकियांग के आर्थिक विकास में सहायता करनी चाहिए और गांववासियों की विज्ञान, क़ानून और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान करनी चाहिए।  लेख में आया है कि नवीन सभ्यता की ओर प्रेरित करके धार्मिक कट्टरपंथ से दूर करने के लिए स्थानीय लोगों का साहस बढ़ाना चाहिए।
पिछले कई वर्षों में सिनकियांग में होने वाले तनाव के कारण सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं जबकि चीन सरकार की ओर से इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की ख़राब स्थिति का ज़िम्मेदार कट्टरपंथी गुटों के साथ साथ पूर्वी तुर्किस्तान के नाम से पृथक राज्य का गठन करने के लिए प्रयासरत लोगों को बताया जा रहा है।