2 जुलाई 2015 - 11:29
 यमन पर सऊदी हमले में अमरीका भी लिप्त।

ह्यूमन राइट्स वॉच ने यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के अतिक्रमण में अमरीका के लिप्त होने का आरोप लगाया है।

ह्यूमन राइट्स वॉच ने यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के अतिक्रमण में अमरीका के लिप्त होने का आरोप लगाया है।
इस संस्था के अनुसार, वॉशिंग्टन, सऊदी अरब के ग़ैर क़ानूनी हमलों के लिए अप्रत्यक्ष रूप से ज़िम्मेदार है क्योंकि वह यमन की हवाई सीमा के भीतर सऊदी युद्धक विमानों को ईंधन की आपूर्ति और यमन में सऊदियों के मद्देनज़र बिन्दुओं को निशाना बनाने में गुप्तचर मदद दे रहा है। संस्था ने अमरीका से यमनी जनता पर सऊदी हमलों के त्रासदीपूर्ण अंजाम की जांच कराने की मांग की है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि सऊदी अरब ने यमन में घरों, बाज़ारों और स्कूलों की तबाही तथा आम लोगों का जनसंहार करके संभवतः युद्ध अपराध किए हैं। इस संस्था ने इसी प्रकार यमन की समुद्री और हवाई नाकेबंदी की आलोचना की है।
ह्यूमन राइट्स वॉच में उत्तरी अफ़्रीक़ा और मध्यपूर्व के मामलों की ज़िम्मेदार सारा वॉट्सन ने कहा, “ऐसा लग रहा है कि सऊदी अरब ने ये हमले करके युद्ध के क़ानून का गंभीर रूप से उल्लंघन किया है जिसकी सही जाँच होनी चाहिए।” ह्यूमन राइट्स वॉच ने 6 से 11 अप्रैल के बीच सऊदी अरब के यमन पर 10 हवाई हमलों की रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें 14 औरतों और 35 बच्चों सहित 59 लोग हताहत हुए। यह रिपोर्ट ऐसी हालत में सामने आयी है कि इससे एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून ने अदन पर संयुक्त राष्ट्र संघ की एक इमारत पर रविवार को सऊदी अरब के हमले की भर्त्सना की। इस हमले में संयुक्त राष्ट्र संघ की इमारत को बहुत नुक़सान पहुंचा।