ईरानी विदेश मंत्रायल के पूर्व प्रवक्ता ने कहा है कि अगर अमरीका, गुट पांच धन एक और ईरान के बीच परमाणु बातचीत से पीछे हट जाए तो यह इस देश की राजनैतिक ख़ुदकुशी होगी।
हमीद रज़ा आसेफ़ी ने हमारे संवाददाता से बातचीत में इस बात पर बल देते हुए कि परमाणु बातचीत में समय सीमा के अधीन नहीं रहना चाहिए, कहा कि अगर अमरीका का हिसाब-किताब गड़बड़ा जाए और वह वार्ता में ऐसा कर बैठे कि दोनों पक्षों के बीच समझौता न हो पाए तो ऐसी हालत में अमरीका की हार होगी। उन्होंने कहा कि इस बात पर शक न करें कि अगर बातचीत को परिणाम तक पहुंचाने का इरादा होगा तो यह आख़िरी क्षणों में हो जाएगा क्योंकि दोनों पक्ष अपने अपने दस्तावेज़ पर अंतिम क्षणों में पुनर्विचार करते हैं ताकि सहमति हो जाए। हमीद रज़ा आसेफ़ी ने परमाणु बातचीत प्रक्रिया के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडलों पर दबाव डालने के लिए कुछ पश्चिमी हल्क़ों और ज़ायोनी शासन की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन दिनों मीडिया के ज़रिए दबाव डालने की कोशिश का लक्ष्य ज़्यादा से ज़्यादा विशिष्टता लेना है।
ज्ञात रहे ईरान और गुट पांच धन एक के बीच परमाणु समझौते की प्राप्ति के लिए पहले से तय अवधि 30 जून कल मंगलवार को ख़त्म हो गयी और वियना में मौजूद कूटनयिकों के अनुसार, इस मुद्दत को एक हफ़्ते के लिए और आगे बढ़ाया गया है ताकि परमाणु समझौता हासिल हो सके।