राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि आतंकवाद किसी भी देश के हित में नहीं है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने क्षेत्र में आतंकवाद और आतंकवादियों की सक्रियता में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा है कि क्षेत्र के सभी देश, आतंकवाद की समस्या से ग्रस्त हैं क्योंकि आतंकवादियों की कार्यवाहियां किसी भी देश के हित में नहीं हैं और वास्तव में आतंकवाद, क्षेत्र के विकास और क्षेत्रीय देशों के मध्य संबंध विस्तार की राह में बहुत बड़ी बाधा है।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने गुरुवार की शाम क़तर के नरेश के टेलीफोन का उत्तर देते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए क्षेत्रीय देशों के मध्य सहयोग आवश्यक है और रमज़ान का महीना, मुसलमानों के मध्य एकता व भाईचारे में वृद्धि का अच्छा अवसर है। राष्ट्रपति हसन रूहानी ने युद्ध ग्रस्त क्षेत्रों विशेषकर यमन के पीड़ितों की सहायता पर बल दिया और कहा कि क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान और पीड़ितों की सहायता के लिए समस्त देशों को एकजुट होना चाहिए। इस टेलीफोनी वार्ता में क़तर के नरेश शेख तमीम ने ईरानी राष्ट्रपति को रमज़ान महीने की बधाई दी और कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के साथ हमारे संबंध प्राचीन, एतिहासिक और मज़बूत हैं और हम इन संबंधों में अधिक विस्तार के इच्छुक हैं। क़तर के नरेश शेख़ तमीम बिन हमद आले सानी ने कहा कि यह संभव है कि कुछ मुद्दों में वैचारिक मतभेद हों किंतु दोनों देश, मित्र, भाई और पड़ोसी हैं और उन्हें बाधाओं को पार करना चाहिए।
शेख तमीम ने क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान में इस्लामी गणतंत्र ईरान की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए कहा कि ईरान क्षेत्र में शांति स्थापना में अत्याधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और रमज़ान के महीने में हमारा कर्तव्य है कि हम क्षेत्र में शांति स्थाना की कोशिश करें और क्षेत्रीय समस्याओं विशेषकर यमन, इराक और सीरिया में झड़पों के बजाए, वार्ता को साधन बनाया जा सकता है।