3 जून 2015 - 15:55
 यमन के ख़िलाफ़ युद्ध एक इस्लामी देश की शान के ख़िलाफ़ है।

ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा है कि यमन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ना एक इस्लामी देश की शान के ख़िलाफ़ है।

ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा है कि यमन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ना एक इस्लामी देश की शान के ख़िलाफ़ है।
तेहरान में जॉर्डन के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में हुसैन अमीर अबदुल्लाहियान ने सऊदी अरब से यमनी जनता का नरंसहार तुरंत बंद करने और मध्यपूर्व के इस ग़रीब देश के बुनियादी ढांचे को अधिक नष्ट न करने की मांग की।
अब्दुल्लाहियान ने क्षेत्र में हिंसा के लिए ज़िम्मेदार देशों की निंदा करते हुए कहा कि यमन में सैन्य हस्तक्षेप और वहां की जनता का नरंसहार और बुनियादी ढाचे की तबाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय राष्ट्रों की जनता की मूल चिंता फ़िलिस्तीनी मुद्दा है और ईरान फ़िलिस्तीनी भाईयों की मदद करता रहेगा।
इस मुलाक़ात में जॉर्डन के प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियों ने ज़ायोनी शासन की अत्याचार नीतियों के मुक़ाबले में प्रतिरोधी संगठनों के समर्थन के लिए ईरान को बधाई दी और कहा कि इलाक़ों के दुश्मन मध्यपूर्व को साम्प्रदायिक हिंसा में झोंक देना चाहते हैं।