हिज़्बुल्लाह के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि लेबनानी प्रतिरोधी आंदोलन पड़ोसी देश सीरिया में सक्रिय तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल से देश की रक्षा कर रहा है।
हिज़्बुल्लाह के उप महासचिव शेख़ नईम क़ासिम का कहना था कि अगर हिज़्बुल्लाह ने सीरिया में आईएसआईएल को नहीं रोका होता तो तकफ़ीरी आतंकवादी बेरूत तक पहुंच जाते।
उन्होंने सीमावर्ती इलाक़े अल-क़लमून में आतंकवादियों के ख़िलाफ़ हिज़्बुल्लाह के अभियान की ओर संकेत करते हुए कहा, इस अभियान से लेबनानी सीमावर्ती इलाक़ों में कार बम धमाकों और अन्य आतंकवादी कार्यवाहियों पर क़ाबू पाने में सफलता मिली है।
उल्लेखनीय है कि 4 मई को हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों और सीरियाई सैनिकों ने रणनीतिक क़लमून इलाक़े में आतकंवादियों के ख़िलाफ़ संयुक्त अभियान शुरू किया था। 26 मई तक इस इलाक़े में आतंकवादियों का सफ़ाया कर दिया गया और हिज़्बुल्लाह ने अल-क़लमून और अल-नफ्फ़ार इलाक़ों को अज़ाद करा लिया।
शेख़ क़ासिम ने यह भी कहा कि हिज़्बुल्लाह अल-क़लमून इलाक़े में बचे खुचे आंतकवादियों के ख़िलाफ़ व्यापक स्तर का एक और अभियान शुरू करने वाला है। हालांकि उन्होंने इसके लिए किसी निर्धारित समय या तारीख़ का एलान नहीं किया।
इसी प्रकार हिज़्बुल्लाह के उप महासचिव का कहना था कि आईएसआईएल के ख़िलाफ़ अमरीका के नेतृत्व में बनने वाला तथाकथित गठबंधन इस आतंकवादी गुट को समाप्त नहीं करना चाहता है। इसलिए कि अमरीका इस गुट को अपने हितों के लिए इस्तेमाल करना चाहता है।