इस्लामी रिपब्लिक ईरान ने फ़िलिस्तीन के पार्लियामेन्ट चेयरमैन के विरुद्ध इस्राईल की एक अदालत के फ़ैसले को अवैध व अत्याचारपूर्ण बताया है।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मरज़िया अफ़ख़म ने फ़िलिस्तीन की पार्लियामेन्ट के चेयरमैन अज़ीज़ दुवैक के ख़िलाफ़ ज़ायोनी शासन के एक न्यायालय के फ़ैसले को ज़ालिमाना और अवैध बताते हुए उसकी निंदा की है। उन्होंने फ़िलिस्तीनी जनता की आवाज़ को दबाने के लिए ज़ायोनी शासन के प्रयासों को व्यर्थ व निरर्थक बताया। मरज़िया अफ़ख़म ने कहा कि ज़ायोनी सरकार की जेलों में बंद हज़ारों फ़िलिस्तीनी बंदियों की स्थिति अत्यंत जटिल एवं असहनीय है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने फ़िलिस्तीनी जनता के चुने हुए सांसदों की बे बुनियाद गिरफ्तारी के आदेशों और उनकी निरंतर गिरफ्तारी की कार्यवाहियों को फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की आवाज़ को दबाने के लिए हिंसक और व्यर्थ तरीक़ा बताया और अंतर्राष्ट्रीय पारलियामेन्ट यूनियन से इस संबंध में गंभीर प्रतिक्रिया दिखाने की मांग की।
ज्ञात रहे कि ज़ायोनी शासन की एक सैन्य अदालत ने अलख़लील नगर के पास से तीन ज़ायोनियों के अपहरण के बाद फ़िलिस्तीन के पारलियामेन्ट चेयरमैन अज़ीज़ दुवैक को एक साल क़ैद और पंद्रह सौ डालर जुर्माने की सज़ा सुनाई है।