अंतरराष्ट्रीय मामलों में सुप्रीम लीडर के सलाहकार ने कहा कि अमरीका सहित कुछ पश्चिमी देशों ने आईएसआईएल को बनाने में भूमिका अदा की है और पूर्व अमरीकी विदेशमंत्री हिलैरी क्लिंटन ने अपनी किताब में ये स्वीकार भी किया है ।
डाक्टर अली अकबर विलायती ने अपनी चीन यात्रा के दौरान एक एक सम्मेलन में कहा कि निश्चित रूप से आईएसआईएल और अन्य आतंकवादी गुटों को क्षेत्र में पैदा करने में विदेशी शक्तियों का हाथ है ताकि इनके ज़रिये से वह क्षेत्र में अपने मक़सद को कर सकें।
उन्होंने यमन के हाल पर पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि इस का कोई औचित्य नहीं है कि किसी देश की जनता पर केवल इस लिए बमबारी की जाए कि वह स्वाधीन रहना चाहते हैं और यही नहीं बल्कि उन तक मानवीय सहायता को पहुंचने से भी रोक दिया जाए ये इंसानियत के ख़िलाफ़ और चिंताजनक है किंतु यह भी निश्चित है कि यमन के दुश्मनों को सफलता प्राप्त होने वाली नहीं है।
उन्होंने ईरान के परमाणु का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लामी रिपब्लिक ईरान परमाणु ऊर्जा से शांतिपूर्ण लाभ उठाने को अपना कानूनी अधिकार समझता है और इसी लिए वह वार्ता का स्वागत भी कर रहा है किंतु कुछ पश्चिमी देश विभिन्न बहानों से वार्ता को नाकामियाब बनाने की कोशिश मे लगे हैं किंतु इस्लामी रिपब्लिक ईरान इन देशों के वर्चस्व के प्रयासों के सामने डटा हुआ है।