26 मई 2015 - 10:42
 ईरान ही ले सकता है ISIL से टक्करः क़ासिम सुलैमानी

र्इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान की क़ुद्स ब्रिगेड के कमान्डर ने कहा है कि ईरान के अलावा आईएसआईएल से किसी में निपटने की क्षमता नहीं है।

र्इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान की क़ुद्स ब्रिगेड के कमान्डर ने कहा है कि ईरान के अलावा आईएसआईएल से किसी में निपटने की क्षमता नहीं है।
जनरल क़ासिम सुलैमानी ने कहा कि आज सभी इस बात को मान रहे हैं कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, उन सभी युद्धों में विजयी प्राप्त की जो दुश्मनों ने ईरान पर थोपी थीं। जनरल क़ासिम सुलैमानी ने स्पष्ट किया कि ईरान 36 साल तक विश्व साम्राज्य के दबाव में रहा है फिर भी आख़िर में सभी मैदानों में वह जीत मिली। उन्होंने इराक़ में तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल की मौजूदगी और क्षेत्रीय मामलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज इस ख़तरे से सिर्फ़ और सिर्फ़ ईरान निपट सकता है।
क़ुद्स ब्रिगेड के कमान्डर क़ासिम सुलैमानी ने बल दिया, “हमें इराक़ के तेल और भूमि या इराक़ के साथ साथ किसी दूसरे देश की किसी भी चीज़ की ज़रूरत नहीं है। हम उन सभी देशों की मदद करते हैं जिन पर ज़ुल्म हुआ है।” उन्होंने अभी हाल में इराक़ के रुमादी शहर पर तकफ़ीरी आतंकवादियों के क़ब्ज़े पर अमरीका की कठोर निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐनुल असद हवाई छावनी जिस पर अमरीकी झंडा लगा हुआ है, रुमादी से बहुत निकट है लेकिन अमरीकी सैनिकों ने इस शहर पर क़ब्ज़े के लिए आईएसआईएल की लड़ाई को रोकने के लिए कोई क़दम नहीं उठाया। उन्होंने रविवार को ईरान के ख़िलाफ़ इराक़ द्वारा थोपे गए आठ वर्षीय युद्ध में भाग लेने वालों के समारोह को ख़िताब करते हुए कहा, “यह षड्यंत्र में साथ देने के अर्थ में है।”