यूएन के परमाणु निरस्त्रीकरण की कोशिश को नाकाम बनाने पर इस्राईल ने अमरीका का शुक्रिया अदा किया है।
ज़ायोनी प्रधान मंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने संयुक्त राष्ट्र संघ के उस क़दम को नाकाम बनाने पर अमरीका का शुक्रिया अदा किया है जो इस्राईल को उसके न्यूक्लियर बमों के भंडार को दिखाने के लिए मजबूर करता।
न्यूक्लियर हथियारों और न्यूक्लियर हथियारों की प्रौद्योगिकी के विस्तार को रोकने के उद्देश्य से न्यूयॉर्क में एक महीने तक चलने वाले परमाणु अप्रसार पुनर्समीक्षा सम्मेलन में 150 से ज़्यादा देशों ने भाग लिया।
एन पी टी पर प्रतिबद्धता को बढ़ाने के लिए न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय में चार हफ़्तों की बातचीत के बाद शुक्रवार की रात अमरीका ने किसी प्रकार की सहमति न होने का एलान किया और अरब देशों पर परमाणु अप्रसार वार्ता को नाकाम बनाने का आरोप लगाया। यह वार्ता उस वक़्त नाकाम हो गयी जब अमरीका और उसके ब्रिटेन तथा कैनडा सहित अन्य घटक देशों ने अरब देशों के उस प्रस्ताव को मानने से मना कर दिया जिसमें मार्च 2016 तक मध्यपूर्व को परमाणु हथियार से पाक करने का सुझाव रखा गया था।
शनिवार को नेतनयाहू ने अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी से बातचीत की और उनके ज़रिए अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा का परमाणु अप्रसार संधि के पुनर्समीक्षा सम्मेलन में अमरीका के दृष्टिकोण के लिए शुक्रिया अदा किया।
इस्राईल एन पी टी का सदस्य नहीं है और उसने कभी भी सार्वजनिक तौर पर ख़ुद के परमाणु हथियारों से संपन्न होने की घोषणा नहीं की हालांकि यह बात लगभग सबको पता है कि इस्राईल के पास 200 से ज़्यादा परमाणु वारहेड्स हैं और इस दृष्टि से वह मध्यपूर्व में अकेला शासन है। इसके बावजूद इस्राईल ने एन पी टी के इस सम्मेलन में पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया। तेल अविव एन पी टी से उसके जुड़ने की अंतर्राष्ट्रीय मांग को नज़रअंदाज़ करता है और अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षकों को अपने विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम के निरीक्षण की इजाज़त नहीं देता।