रक्षामंत्री ने कहा है कि आईएसआईएल से मुक़ाबले के संबन्ध में अमरीका के वास्तविक लक्ष्यों के बारे में ईरान को संदेह है।
ब्रिगेडियर जनरल हुसैन देहक़ान ने मंगलवार को बग़दाद में इराक़ के राष्ट्रपति फ़ोआद मासूम के साथ भेंट में कहा कि अमरीका ने एक सुनियोजित कार्यक्रम के अन्तर्गत आतंकवादी गुटों के समर्थन और क्षेत्र के अपने कुछ घटक देशों की सहायता से इस क्षेत्र के स्वतंत्र देशों को अस्थिर करने का काम आरंभ कर रखा है।
ईरान के रक्षामंत्री ने कहा कि इराक़ी जनता को सहायता पहुंचाने के बारे में अमरीका और उसके घटकों की ओर से विलंब, यह दर्शाता है कि आईएसआईएल के विरुद्ध तथाकथित संघर्ष में अमरीका के कुछ अन्य लक्ष्य निहित हैं।
ब्रिगेडियर जनरल हुसैन देहक़ान ने स्पष्ट किया कि ईरान की सदैव ही यह नीति रही है कि इराक़ी राष्ट्र और वहां की वैध सरकार का समर्थन किया जाए। ईरान के रक्षामंत्री ने कहा कि उनका देश इराक़ के विघटन पर आधारित हर योजना का विरोधी है चाहे वह किसी भी देश की हो। उन्होंने कहा कि इस योजना के क्रियान्वित होने को रोकने के लिए तेहरान हर संभव प्रयास करेगा।
ईरान के रक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल हुसैन देहक़ान ने यमन के हालिया परिवर्तनों पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बड़े खेद की बात है कि जिस प्रकार से सद्दाम के काल में ग़लत समीकरणों के आधार पर ईरान और कुवैत के विरुद्ध कार्यवाही की गई, उसी प्रकार की कार्यवाही सऊदी अरब और उसके कुछ घटकों की ओर से वर्तमान समय में यमन के विरुद्ध की जा रही है।
ज्ञात रहे कि ईरान के रक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल हुसैन देहक़ान ने अपनी इराक़ यात्रा के दौरान इस देश के रक्षामंत्री के अतिरिक्त वहां के प्रधानमंत्री, विदेशमंत्री और गृहमंत्रियों से भी अलग-अलग भेंटवार्ताएं कीं।