अंतरराष्ट्रीय मामलों में ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के सलाहकार ने कहा है कि ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य परमाणु वार्ता यथावत जारी है और समस्त मामलों की समीक्षा की जा रही है। ईरान के पूर्व विदेशमंत्री और वरिष्ठ नेता के सलाहकार अली अकबर विलायती ने लेबनानी समाचार पत्र अस्सफीर के साथ वार्ता में कहा कि ईरान और गुट पांच धन एक के दृष्टिकोणों में कोई बुनियादी व गम्भीर परिवर्तनों नहीं हुआ है।
साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के दृष्टिकोणों में भी परिवर्तन नहीं आया है। अली अकबर विलायती ने कहा कि सीरिया और इराक के बारे में ईरान के जो दृष्टिकोण है वह अमेरिकी दृष्टिकोण से मेल नहीं खाता है और अमेरिकी कांग्रेस ने अभी हाल में हिज़्बुल्लाह को आतंकवादी गुट कहा और उसने यमन में सऊदी अरब द्वारा बम्बारी का समर्थन किया कि ये वे चीज़ें हैं जिनका ईरान विरोधी है। डाक्टर अली अकबर विलायती ने इसी प्रकार कहा कि ईरान एक गहरी आस्था के आधार पर लेबनानी प्रतिरोध का समर्थन करता है क्योंकि जायोनी शत्रु सबका संयुक्त शत्रु है। उन्होंने ईरान और सऊदी अरब के संबंधों के बारे में भी कहा कि यमन पर आले सऊद के अतिक्रमण से सऊदी अरब की सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और आले सऊद ने वह आग भड़काई है जिसे उनके अंदर बुझाने की क्षमता नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों में ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के सलाहकार ने बल देकर कहा कि यह युद्ध सऊदियों के हित में नहीं है क्योंकि यह समस्त इस्लामी देशों का संयुक्त क्षेत्र है और इसी कारण ईरान यमन पर सऊदी अरब के अतिक्रमण को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन मानता है और वह इसका विरोधी है। उन्होंने सऊदी अरब के इस दावे को ग़लत बताया कि वह यमन पर ईरान के वर्चस्व से युद्ध कर रहा है। डाक्टर अली अकबल विलायती ने बल देकर कहा कि यमन में ईरान का एक सैनिक भी मौजूद नहीं है।