ईरान की ओर से यमनवासियों को मानवीय सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से भेजा गया जहाज़, अदन की खाड़ी में पहुंच गया।
ग्यारह मई को अपनी यात्रा आरंभ करने वाला यह जहाज़ कुछ ही समय पहले अदन की खाड़ी में प्रविष्ट हुआ है। मानवीय सहायता ले जा रहा यह जहाज़, बाबुल मंदब स्ट्रेट से होते हुए लाल सागर में प्रविष्ट होकर यमन के जदीदा बंदरगाह पर पहुंचेगा। हालिया वर्षों में समुद्री लुटेरों की बढ़ती कार्यवाहियों के दृष्टिगत इन समुद्री लुटेरों से जहाज़ों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से इस्लामी गणतंत्र ईरान सहित 30 से अधिक देशों के युद्धपोत, अदन की खाड़ी में उपस्थित हैं।
यह युद्धपोत किसी संयुक्त कार्यक्रम के अन्तर्गत नहीं बल्कि स्वेच्छा से स्वतंत्र रूप में कार्यवाही करते हैं। इस समय संभावित ख़तरों से बचाने के उद्देश्य से ईरान की नौसेना का 34वां बेड़ा क्षेत्र में गश्त पर है।
नेजात नामक ईरान का जहाज़, ओमान तक की यात्रा करने के बाद समुद्री लुटेरों से अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से अन्तर्राष्ट्रीय जल कारीडोर का प्रयोग करेगा।
इस जहाज़ पर ईरन की ओर से यमनवासियों को भेजी जाने वाली मानवीय सहायता दो हज़ार पांच सौ टन है। इसमें 2400 टन खाद्य पदार्थ और 100 टन दवाएं एवं चिकित्सा उपकरण हैं। मानवताप्रेमी सहायता सामग्री ले जाने वाले इस जहाज़ पर रेड क्रीसेंट के कुछ डाक्टर, और अमरीका, फ़्रांस तथा जर्मनी के युद्ध विरोधी अभियान के सक्रिय लोग एवं विभिन्न संचार माध्यमों के पत्रकार सवार हैं।
ज्ञात रहे कि इससे पहले इस्लामी गणतंत्र ईरान ने हवाई जहाज़ के माध्यम से यमन की अत्याचारग्रस्त जनता की सहायता करने का प्रयास किया था किंतु सऊदी अरब की ओर से उत्पन्न की जाने वाली बाधाओं के कारण यह कार्य संभव नहीं हो सका।
अधिकारियों को यह आशा है कि आगामी कुछ दिनों के भीतर यमन के जदीदा बंदरगाह पर पहुंचकर ईरानी जनता की ओर से भेजी गई राहत सामग्री को यमन की अत्याचारग्रस्त जनता तक पहुंचाया जा सके जिसे इस समय इसकी नितांत आवश्यकता है।