17 मई 2015 - 13:16
परमाणु परिणाम के लिए सामने वाले पक्ष की गंभीरता आवश्यक।

विदेशमंत्री ने कहा है कि परमाणु वार्ता में सामने वाले पक्ष ने यदि पूर्ण गंभीरता का प्रदर्शन किया तो सकारात्मक परिणाम निकलेंगे।

विदेशमंत्री ने कहा है कि परमाणु वार्ता में सामने वाले पक्ष ने यदि पूर्ण गंभीरता का प्रदर्शन किया तो सकारात्मक परिणाम निकलेंगे।
विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने जर्मन पत्रिका एश्पिगलसे बात करते हुए कहा कि परमाणु समझौता संभव है किन्तु उन्होंने कहा कि सामने पक्ष की ओर से पूर्ण गंभीरता की आवश्यकता है। विदेशमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष से ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य जारी वार्ता के परिणाम में बहुत से विवादित मुद्दों का समाधान हुआ है। विदेशमंत्री ने कहा कि सामने वाले पक्ष की ओर से और गंभीरता का प्रदर्शन किए जाने की आवश्यकता है ताकि परमाणु वार्ता का अंतिम परिणाम निकल सके। ईरान के विदेशमंत्री ने कहा कि अमरीका सहित वार्ता के कुछ पक्षों की अनुचित मांगों के आधार पर ही वार्ता प्रक्रिया इतनी लंबी खिंची है। उन्होंने सचेत किया है कि परमाणु वार्ता में होने वाली प्रगति में रुकावट उत्पन्न करने से किसी भी पक्ष को कोई लाभ नहीं पहुंचेगा।
विदेशमंत्री ने इस वार्ता में आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में इराक़ के लिए ईरान की ओर से की गयी सहायता के बारे में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि ऐसी स्थिति में जब क्षेत्र के कुछ देश, इराक़ में अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, तेहरान ने आतंकवादी गुटों के मुक़ाबले में इराक़ी सरकार की मांग पर बग़दाद की सहायता की है।
उन्होंने सीरिया संकट के बारे में कहा कि थोपे गये इस संकट के आरंभ से ही ईरान की नीति रही हैक कि सीरियाई पक्षों के मध्य वार्ता से ही समस्या का समाधान हो सकता है और विदेशी हस्तक्षेप या सैन्य मार्ग से संकट और अधिक जटिल हो जाएगा। ईरान के विदेशमंत्री ने यमन के बारे में कहा कि तेहरान, यमन पर सैन्य हमले के विरुद्ध है। उन्होंने यमन पर सऊदी अरब के सैन्य अतिक्रमण पर अमरीका के समर्थन की कड़े शब्दों में निंदा की। श्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि यमनी जनता अपने देश में विदेशी हस्तक्षेप के बिना सरकार के गठन की इच्छुक है। ईरान के विदेशमंत्री ने यमन में तेहरान के हस्तक्षेप का खंडन करते हुए कहा कि एक ऐसे समय में जब यमन, क्षेत्र के कुछ देशों के सैन्य अतिक्रमण का निशाना बना हुआ है, इस देश में ईरान के हस्तक्षेप का दावा करना, हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि ईरान, यमन में स्थाई सरकार के गठन के लिए इस देश के राजनैतिक गुटों के मध्य हर प्रकार के सहयोग और वार्ता का स्वागत करता है।