सात वर्ष पहले अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को जूता मारकर दुनिया भर में प्रसिद्ध हो जाने वाले इराक़ी पत्रकार मुंतज़िर अल-ज़ैदी ने रूस के टीवी चैनल रश्या टूडे के साथ बातचीत में इस घटना की योजना और उसके बाद यातनाएं दिए जाने का उल्लेख किया है।
दिसम्बर 2008 में ज़ैदी ने बग़दाद में एक प्रेस कांफ़्रेंस के दौरान, बुश को जूता मारने का प्रयास किया था। इराक़ी पत्रकार का जब पहला जूता निशाने पर नहीं लगा तो उन्होंने अपना दूसरा जूता फेंककर मारा, लेकिन दोनों ही बार बुश झुक गए। ज़ैदी ने जूता मारते समय चिल्लाकर कहा था कि यह लो इराक़ी जनता की ओर से विदाई चुम्मा। उनका कहना है कि अमरीकी सरकार इराक़ में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के विधवा होने और बच्चों के अनाथ होने के लिए ज़िम्मेदार है। इराक़ी पत्रकार का कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें हिरासत में लेकर निर्मम यातनाएं दी गईं। उन्हें इस घटना के लिए तीन वर्ष क़ैद की सज़ा सुनाई गई, हालांकि बाद में इस सज़ा को घटाकर एक वर्ष के लिए कर दिया गया। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने ऐसा क्यों क्या? तो उनका कहना था कि जॉर्ज बुश पत्रकार सम्मेलन में निरंतर झूठ बोल रहे थे और उन्होंने वहां पत्रकारों से कहा कि इराक़ी जनता ने मेरा फूलों और हारों से स्वागत किया है। ज़ैदी ने कहा मैंने ऐसा इसलिए भी किया क्योंकि बुश इराक़ में 15 लाख लोगों की मौत, 50 लाख लोगों के बेघर हो जाने और 50 लाख से अधिक बच्चों के अनाथ होने के लिए ज़म्मेदार हैं। इसके अलावा, बुश इराक़ के आधारभूत ढांचे के नष्ट होने, राष्ट्रीय स्रोतों को लूटने और देश में विभाजन का बीज बोने के लिए भी ज़िम्मेदार हैं। ज़ैदी ने पहली बार यह भी रहस्योद्घाटन किया कि उन्होंने एक वीडियो बनाकर अपने पास रखा हुआ था और अपने साथियों से कहा था कि अगर उन्हें फांसी पर लटका दिया जाए तो उसे मीडिया में जारी कर दें। उन्होंने कहा कि यह वीडियो अभी उनके पास है और अगर अमरीका ने कभी उन्हें गिरफ़्तार करने की कोशिश की तो वे इसे जारी कर देंगे।
इराक़ी पत्रकार ने अपने ऊपर हुए अत्याचारों को याद करते हुए बताया कि इस घटना के बाद उन्हें बुरी तरह मारा पीटा जाता था। उनकी नाक, दांत और एक टांग तोड़ दी गई। उन्हें बिजली का करंट लगाया जाता था।