5 मई 2015 - 07:14
 अमेरिका ने सऊदी अरब के समर्थन पर बल दिया

अमेरिका ने यमन पर आक्रमण में एक बार फिर सऊदी अरब के समर्थन पर बल दिया है।

अमेरिका ने यमन पर आक्रमण में एक बार फिर सऊदी अरब के समर्थन पर बल दिया है। अमेरिकी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता JEFF RATHKE ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेन्स में कहा कि जिस तरह अमेरिका ने यमन पर सऊदी अरब के आक्रमण के आरंभ से रियाज का समर्थन किया है उसी तरह वह अब भी सऊदी अरब का समर्थन करता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमेरिका यमन में टिकाऊ शांति और यमनी जनता की अर्थ व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वार्ता को एकमात्र विकल्प समझता है।
JEFF RATHKE ने हौसियों पर सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के प्रति कटिबद्ध न रहने का आरोप लगाया और दावा किया कि यमन की राष्ट्रीय संप्रभुता की सुरक्षा के लिए जो भी किया जा रहा है वाशिंग्टन उसका समर्थन करता है। उन्होंने यमन में सऊदी अरब की ओर से कलस्टर बमों के प्रयोग के बारे में प्रकाशित रिपोर्टों को ग़ैर वास्तविक बताया और समस्त पक्षों से मांग की है कि वे मानवता प्रेमी अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति बचनबद्ध रहें।जानकार हल्कों का मानना है कि अमेरिका की हरी झंडी से ही सऊदी अरब यमन की निर्दोष जनता की हत्या कर रहा है और आज तक सुरक्षा चुप्पी साधे हुए है और पूरी दुनिया देख रही है कि सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना सऊदी अरब ने यमन पर हमला किया है और अमेरिका जो स्वयं को मानवाधिकारों का ठिकेदार समझता व बताता है, यमन की निर्दोष जनता पर किये जा रहे अत्याचारों की न केवल भर्त्सना नहीं कर रहा है बल्कि अतिक्रमणकारी यानी सऊदी अरब का समर्थन कर रहा है और उसका यह कार्य मानवाधिकार की रक्षा के बारे में दोहरे मापदंड का एक नमूना है।