4 मई 2015 - 15:39
 यमन युद्ध का वास्तविक उद्देश्य सामने आ गया

सऊदी अरब के युद्ध मंत्री ने यमन के ख़िलाफ़ छेड़े गए युद्ध के मूल उद्देश्य को ज़ाहिर कर दिया है।

सऊदी अरब के युद्ध मंत्री ने यमन के ख़िलाफ़ छेड़े गए युद्ध के मूल उद्देश्य को ज़ाहिर कर दिया है।
लेबनानी समाचार पत्र ख़बर प्रेस ने सोमवार को रिपोर्ट दी है कि सऊदी युद्ध मंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने कहा है कि यमन में युद्ध विराम की शर्त इस देश के हज़रामौत प्रांत का सऊदी अरब में विलय है। सऊदी युद्ध मंत्री का कहना था कि यमन में युद्ध का पहला चरण समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब को अरब सागर पर निंयत्रण की बहुत आवश्यकता है और यमन के विरुद्ध युद्ध का मूल कारण भी यही है। मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि रियाज़ काफ़ी समय पहले से इस योजना को व्यवहारिक बनाना चाहता था और वह अपने तेल के निर्यात के लिए हज़रामौत प्रांत के तटवर्ती शहर अल-मुकल्ला तक पाइप लाइन बिछाने की योजना रखता है। मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि इससे संबंधित समझौते पर यमन के भगोड़े राष्ट्रपति मंसूर हादी और सऊदी अरब के अधिकारियों ने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।
हज़रामौत प्रांत यमन का सबसे बड़ा प्रांत है और इसकी सीमा सऊदी से मिलती है। इस प्रांत का केन्द्रीय शहर अल-मुकल्ला दक्षिणी यमन का दूसरा बड़ा शहर है।