ईरान के संसद सभापति अली लारीजानी ने कहा है कि आतंकी गुट आईएसआईएल इस्लामी जगत के लिए एक बड़ी समस्या है।
सोमवार को शहीद मुर्तज़ा मुतह्हरी की पांच किताबों का विमोचन करते हुए लारीजानी ने कहा कि शहीद मुतह्हरी का ध्यान ख़वारिज और संकीर्ण दृष्टि के लोगों की ओर था और उनका मानना था कि ख़वारिज जैसे छोटे समूह के विचार अभी भी बाक़ी हैं। ईरानी संसद सभापति का कहना था कि शहीद मुतह्हरी आज़ादी को बहुत महत्व देते थे और समाज के विकास के लिए इसे एक महत्वपूर्ण कारण मानते थे। उन्होंने कहा कि पिछली एक शताब्दी के दौरान यह विषय समाज में उठा और यह शहीद मुतह्हरी की किताबों में विशेष रूप से पेश किया गया है। संसद सभापति ने कहा कि शहीद मुतह्हरी न्याय के प्रति चिंतित रहते थे, उनके विचारों में गहराई थी लेकिन उन्होंने अपने विचारों को सरल भाषा में पेश किया, यही कारण है कि उनके विचार युवाओं के लिए लाभदायक हैं। उल्लेखनीय है कि 2 मई को ईरान के महान विचारक और इस्लामी क्रांति के अग्रणी नेता शहीद मुर्तज़ा मुतह्हरी की शहादत का दिन है। वे उच्च धार्मिक शिक्षा केंद्रों के अतिरिक्त विश्व विद्यालयों में भी पढ़ाते थे। ईरान में 2 मई को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।