उत्तर पश्चिमी इराक़ में सिंजार के पहाड़ी क्षेत्रों में कुर्दिस्तान लेबर पार्टी (पीकेके) में पुरुषों की तरह महिलाएं भी सशस्त्र कार्रवाई के लिए हर समय तैयार रहती हैं।
पिछले वर्ष गर्मियों में उत्तरी इराक़ पर स्वयंभू इस्लामी ख़िलाफ़त अर्थात आईएसआईएल के ख़िलाफ युद्ध में बहुत अधिक रक्तपात हुआ और पूरे क्षेत्र में केवल धुआं ही धुआं दिखाई देता था। इसका कारण तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल ने सिंजार क्षेत्र में कुर्द बलों को पराजित कर इस क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया था और ईज़दी समुदाय के सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था लेकिन अब सिंजार के हालात तेज़ी से बदल रहे हैं फिर से वहां खुशियां लौट रही हैं। सिंजार की सड़कों से गुज़रने वाले ट्रकों पर सवार सभी सैनिकों को सड़क के किनारे खड़े हुए बच्चे हाथ उठाकर जीत की बधाई देते दिखाई देते हैं।
ज्ञात रहे कि कुर्दिस्तान के लड़ाके पुरुष और महिलाएं दोनों एक दूसरे के साथ बराबरी के आधार पर काम करते हैं और इस लड़ाई में अपने निजी जीवन का बलिदान देते हैं और कभी शादी नहीं करते जबकि आतंकियों से जारी इस युद्ध में महिलाओं ने अपने घरों को भी छोड़ दिया है।